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'सवालों के जवाब दे सरकार, लाठियां नहीं': दिल्ली को किले में बदलने पर भड़के शशि थरूर; और क्या कहा?
Sat, 10 Oct 2026 01:19 PM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 10 Oct 2026 01:19 PM IST
सार
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सीजेपी के प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों की आलोचना की है। उन्होंने 22 हजार जवानों की तैनाती, 250 ट्रेनें रद्द होने, 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और इंटरनेट सेवाएं रोकने का जिक्र किया। थरूर ने कहा कि चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वालों को जवाब देना चाहिए, न कि उनकी आवाज दबानी चाहिए।
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शशि थरूर, कांग्रेस सांसद
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर लगाई गई पाबंदियों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि चुनाव की निष्पक्षता को लेकर सवाल पूछने वालों का जवाब देने के बजाय सरकार राजधानी को किले में बदल रही है। इससे लोगों का संदेह दूर होने के बजाय और बढ़ेगा। थरूर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि जिस सरकार को अपने चुनावों की निष्पक्षता पर भरोसा है, उसे सवालों का स्वागत करना चाहिए।
थरूर ने कहा, 'सरकार को जवाब देने चाहिए, लाठियां नहीं; अभिव्यक्ति की आजादी देनी चाहिए, दमन नहीं। बैरिकेड लगाने से चुनाव आयोग पर लोगों का भरोसा बहाल नहीं होगा। जनता के सवालों के जवाब जितनी जल्दी दिए जाएंगे, शांति उतनी ही जल्दी लौटेगी।'
दिल्ली में किन पाबंदियों पर उठाए सवाल?
शशि थरूर ने कहा कि वह रात दो बजे के बाद राष्ट्रीय राजधानी लौटे और दिल्ली में इस तरह की सख्ती पहले शायद ही कभी देखी हो। उन्होंने शहर में सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों और आम लोगों की आवाजाही पर लगी पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए।
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थरूर के मुताबिक, दिल्ली में हर कुछ सौ मीटर पर जांच चौकियां बनाई गई हैं और सड़कों पर कंक्रीट के अवरोध तथा नुकीली पट्टियां लगाई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि शहर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 22 हजार जवान तैनात किए गए हैं। थरूर ने 250 ट्रेनें रद्द होने और 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में युवाओं को उनके घरों और सड़कों से हिरासत में लिए जाने की खबरें हैं। उनके मुताबिक, यह सब चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले नागरिकों को रोकने के लिए किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: हिरासत में अभिजीत: फ्लाइट में घुसीं महिला पुलिसकर्मी, दिपके के साथ नोकझोंक; हिरासत में लेने से पहले क्या हुआ?
इंटरनेट बंद करने और महिलाओं की सुरक्षा पर क्या बोले?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राजधानी के बीचोंबीच इंटरनेट सेवाएं बंद करने और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने को बेहद पिछड़ा और दमनकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर को इसलिए तय किया गया था, ताकि लोग दिल्ली के केंद्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा सकें। लेकिन अब वहां जाने वाली सड़कों को भी बंद कर दिया गया है।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि शहर को सुरक्षित बनाने के लिए इतनी बड़ी संख्या में जवान और इतनी तत्परता क्यों नहीं दिखाई देती। थरूर ने कहा कि जब राजधानी में महिलाओं को सुरक्षा की जरूरत होती है, तब यह असाधारण व्यवस्था कहां चली जाती है?
‘Emer-GenZ’ कहकर थरूर ने क्या संदेश दिया?
कांग्रेस सांसद ने दिल्ली में लगाए गए प्रतिबंधों को ‘Emer-GenZ’ नाम दिया। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करना होगा। साथ ही सवाल उठाया कि अगर प्रदर्शनकारी सोमवार को फिर लौटते हैं, तो क्या अधिकारी दोबारा पूरी राजधानी को बंद कर देंगे? थरूर ने कहा कि देश के युवाओं को इस तरह के अघोषित आपातकाल से बेहतर व्यवहार मिलना चाहिए।
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थरूर ने कहा, 'सरकार को जवाब देने चाहिए, लाठियां नहीं; अभिव्यक्ति की आजादी देनी चाहिए, दमन नहीं। बैरिकेड लगाने से चुनाव आयोग पर लोगों का भरोसा बहाल नहीं होगा। जनता के सवालों के जवाब जितनी जल्दी दिए जाएंगे, शांति उतनी ही जल्दी लौटेगी।'
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दिल्ली में किन पाबंदियों पर उठाए सवाल?
शशि थरूर ने कहा कि वह रात दो बजे के बाद राष्ट्रीय राजधानी लौटे और दिल्ली में इस तरह की सख्ती पहले शायद ही कभी देखी हो। उन्होंने शहर में सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों और आम लोगों की आवाजाही पर लगी पाबंदियों को लेकर सवाल उठाए।
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थरूर के मुताबिक, दिल्ली में हर कुछ सौ मीटर पर जांच चौकियां बनाई गई हैं और सड़कों पर कंक्रीट के अवरोध तथा नुकीली पट्टियां लगाई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि शहर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 22 हजार जवान तैनात किए गए हैं। थरूर ने 250 ट्रेनें रद्द होने और 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में युवाओं को उनके घरों और सड़कों से हिरासत में लिए जाने की खबरें हैं। उनके मुताबिक, यह सब चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले नागरिकों को रोकने के लिए किया जा रहा है।
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इंटरनेट बंद करने और महिलाओं की सुरक्षा पर क्या बोले?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राजधानी के बीचोंबीच इंटरनेट सेवाएं बंद करने और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने को बेहद पिछड़ा और दमनकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर को इसलिए तय किया गया था, ताकि लोग दिल्ली के केंद्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा सकें। लेकिन अब वहां जाने वाली सड़कों को भी बंद कर दिया गया है।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि शहर को सुरक्षित बनाने के लिए इतनी बड़ी संख्या में जवान और इतनी तत्परता क्यों नहीं दिखाई देती। थरूर ने कहा कि जब राजधानी में महिलाओं को सुरक्षा की जरूरत होती है, तब यह असाधारण व्यवस्था कहां चली जाती है?
‘Emer-GenZ’ कहकर थरूर ने क्या संदेश दिया?
कांग्रेस सांसद ने दिल्ली में लगाए गए प्रतिबंधों को ‘Emer-GenZ’ नाम दिया। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करना होगा। साथ ही सवाल उठाया कि अगर प्रदर्शनकारी सोमवार को फिर लौटते हैं, तो क्या अधिकारी दोबारा पूरी राजधानी को बंद कर देंगे? थरूर ने कहा कि देश के युवाओं को इस तरह के अघोषित आपातकाल से बेहतर व्यवहार मिलना चाहिए।