Israel Hamas War: 'सुप्रिया सुले को गाजा भेजेंगे शरद पवार', हिमंत बिस्व सरमा का NCP सुप्रीमो के बयान पर पलटवार
आगामी विधानसभा चुनावों पर उन्होंने कहा कि मैं छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान गया। भाजपा कार्यकर्ता जमीन पर अच्छा काम कर रहे हैं। हम आसानी से जीतेंगे। वंशवाद की राजनीति पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि उनके पास कोई योग्यता नहीं है, वह यहां अपने पिता और मां की वजह से हैं।
विस्तार
इस्राइल-फिलिस्तीन संघर्ष पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के कथित बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि शरद पवार हमास के लिए लड़ने के लिए सुप्रिया सुले को गाजा भेजेंगे। इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनावों पर उन्होंने कहा कि मैं छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान गया। भाजपा कार्यकर्ता जमीन पर अच्छा काम कर रहे हैं। हम आसानी से जीतेंगे। वंशवाद की राजनीति पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि उनके पास कोई योग्यता नहीं है, वह यहां अपने पिता और मां की वजह से हैं।
#WATCH | Delhi: On NCP chief Sharad Pawar's reported statement regarding India's stance on the Israel-Palestine conflict, Assam CM Himanta Biswa Sarma says, "I think Sharad Pawar will send Supriya (Sule) to Gaza to fight for the Hamas." pic.twitter.com/JrTWwIOM9T
— ANI (@ANI) October 18, 2023विज्ञापन
सीएम सरमा की यह टिप्पणी शरद पवार के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह नहीं मानते कि भारत सरकार ने फलस्तीन स्थित आतंकवादी समूह हमास के साथ युद्ध के दौरान इस्राइल का साथ देने का फैसला 100 फीसदी सही है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि इस्राइल-फिलस्तीन मुद्दा गंभीर और संवेदनशील है। अफगानिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य देशों जैसे मुस्लिम देशों के विचारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। हमास द्वारा घुसपैठ शुरू करने के एक दिन बाद आठ अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने इस्राइल के साथ एकजुटता व्यक्त की थी और आतंकवादी हमलों की निंदा की थी।
नितिन गडकरी ने भी शरद पवार के बयान की निंदा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस्राइल-हमास युद्ध पर एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने बुधवार को कहा कि स्थिति की गंभीरता के कारण आतंकवाद के खिलाफ हर किसी को एकजुट होना जरूरी है। गडकरी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, मैं शरद पवार द्वारा दिए गए गैर-जिम्मेदाराना बयान की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट निंदा पर सवाल उठाया था। भारत हमेशा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का मजबूत रुख और इस्राइल में आतंकवादी हमले की निंदा वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं को यह समझना जरूरी है कि राष्ट्र के हित और राष्ट्रीय सुरक्षा को कभी भी राजनीतिक विचारों से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा एक सर्वोपरि चिंता का विषय है और इस पर एकता और आम सहमति होनी चाहिए।
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी शरद पवार की कड़ी आलोचना की और कहा कि वरिष्ठ नेता का आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर लापरवाह नजरिया है। इसे बदलने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि जब शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता इस्राइल में आतंकवादी हमले पर भारत के रुख पर 'निरर्थक' बयान देते हैं तो यह बहुत परेशान करने वाला होता है।