फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sharad Pawar's NCP Removes three Leaders attending Ajit Pawar Oath Ceremony

Maharashtra: शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पार्टी से निकाला; तीन अन्य नेताओं को भी हटाया

Mon, 03 Jul 2023 05:01 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 03 Jul 2023 05:01 PM IST
सार

Maharashtra: Maharashtra: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने रविवार को अपने भतीजे अजित पवार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पर पार्टी के दो नेताओं को हटा दिया है। 

विज्ञापन
Sharad Pawar's NCP Removes three Leaders attending Ajit Pawar Oath Ceremony
शरद पवार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने सांसद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पार्टी से निकाल दिया है। उनके खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए कार्रवाई की गई है। एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने पार्टी प्रमुख शरद पवार को लिखे पत्र में इसकी सिफारिश की थी।

विज्ञापन


इससे पहले एनसीपी अनुशासन समिति ने पार्टी नौ विधायकों को अयोग्य घोषित करने का प्रस्ताव पास कर दिया था। ये वही विधायक हैं, जिन्होंने अजित पवार के साथ बीते दिन शपथ ग्रहण की थी। वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में अपने भतीजे अजीत पवार के शपथ समारोह में शामिल होने के लिए पार्टी के तीन नेताओं को हटा दिया गया है।
विज्ञापन


राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की कार्रवाई को उन लोगों के लिए एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जिन्होंने बागी अजित पवार का समर्थन किया था। निष्कासित नेताओं में मुंबई मंडल राकांपा प्रमुख नरेंद्र राठौड़, अकोला शहर जिला प्रमुख विजय देशमुख और राज्य मंत्री शिवाजीराव गर्जे शामिल हैं। ये तीनों अजित पवार के शपथ समारोह में शामिल हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन



इस बीच शरद पवार ने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल को उन विधायकों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने का अधिकार है, जिन्होंने कल महाराष्ट्र कैबिनेट में शपथ ली थी। उन्होंने कहा, 'वहां (अजित पवार खेमा) के कई लोगों ने मुझे फोन किया और कहा कि उनकी विचारधारा राकांपा से अलग नहीं है और वे अगले कुछ दिनों में अंतिम निर्णय लेंगे।' पवार ने यह भी कहा, मेरे पास विधायकों के पार्टी छोड़ने के पुराने अनुभव हैं... भविष्य में अच्छे परिणाम आएंगे।

पार्टी की अनुशासन समिति ने उन नौ विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है, जिन्होंने सत्तारूढ़ शिवसेना-भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए अजित पवार की बगावत में उनका समर्थन किया था। इसने अपने एक बयान में कहा कि नौ विधायकों की ये गतिविधियां उन्हें तत्काल अयोग्य घोषित करने की मांग करती हैं... यदि उन्हें सदस्य के रूप में बने रहने की अनुमति दी जाती है, तो इस बात की बहुत वास्तविक संभावना है कि वे पार्टी के हितों को कमजोर करने की कोशिश जारी रखेंगे।

इससे पहले अजित पवार के अगले राजनीतिक कदम को लेकर हफ्तों से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए अचानक हुए घटनाक्रम से उनके चाचा शरद पवार को झटका लगा। अजित पवार को राज्यपाल रमेश बैस ने रविवार को राजभवन में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई, जहां नौ अन्य राकांपा नेताओं ने भी भाग लिया, जिनमें से कुछ शरद पवार के करीबी सहयोगी रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed