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Maharashtra: 'चुनाव से पहले BJP-NCP छोड़ सकते हैं कई नेता', शरद पवार की पार्टी में शामिल होंगे रामराजे नाइक?
Mon, 07 Oct 2024 06:54 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदापुर (महाराष्ट्र)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदापुर (महाराष्ट्र)
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 07 Oct 2024 06:54 PM IST
सार
Maharashtra: इंदापुर शहर में एक सभा को संबोधित करते हुए शरद पवार ने लोगों से अपील की कि वे हर्षवर्धन पाटिल को राज्य की विधानसभा में भेजे। पवार ने यह भी संकेत दिया कि रामराजे नाइक निंबालकर 14 अक्तूबर को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में शामिल हो सकते हैं।
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शरद पवार
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
वरिष्ठ राजनेता शरद पवार ने सोमवार को संकेत दिया कि भाजपा और उनके भतीजे अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के और भी नेता महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ सकते हैं। शरद पवार का यह बयान तब सामने आया है, जब हर्षवर्धन पाटिल ने भाजपा को छोड़कर उनकी पार्टी का दामन थामा है।
इंदापुर शहर में एक सभा को संबोधित करते हुए पवार ने लोगों से अपील की कि वे पाटिल को राज्य की विधानसभा में भेजे। इसके साथ ही उन्होंने एक तरह से पाटिल की उम्मीदवारी का एलान कर दिया। पवार ने यह भी संकेत दिया कि राज्य विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष रामराजे नाइक निंबालकर 14 अक्तूबर को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में शामिल हो सकते हैं। निंबालकर अभी उप मुख्यमंत्री अजित पवार के खेमे में हैं।
उन्होंने कहा, "मुझे किसी ने फोन किया है कि 14 अक्तूबर को आओ, जैसे मैं इंदापुर आया हूं। मैंने पूछा कहां और किस उद्देश्य से? मुझे बताया गया कि यह वैसे ही उद्देश्य के लिए है, जैसे इंदापुर में है। मैंने पूछा- कहां आना है?...फल्टन..समझ गए? तो अगला पड़ा फल्टन है। इसके बाद इस महीने का ज्यादातर समय बुक है।" फल्टन निंबालकर का गृह क्षेत्र है, जिन्होंने 1995 में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में और 1999 व 2004 में राकांपा (अविभाजित) नेता के रूप में इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।
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दिलचस्प बात यह है कि निंबालकर ने रविवार को ही कहा था कि उन्हें शरद पवार को छोड़कर अजित पवार के साथ जाने पर पछतावा है। उन्होंने कहा, मैंने ऐसा (अजित पवार के खेमे में जाने का फैसला) पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
हर्षवर्धन पाटिल 2019 में कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा से उनका बाहर जाना उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के लिए एक झटका माना जा रहा है। वहीं, शरद पवार ने एक पूर्व राज्य मंत्री के रूप में कृषि सुधार और ग्रामीण विकास में योगदान के लिए पाटिल की प्रशंसा की।
पवार ने कहा, हम विभिन्न दलों में हो सकते हैं, लेकिन जब बात महाराष्ट्र के किसानों के कल्याण की आती है तो हम हमेशा मिलकर काम करते हैं। हर्षवर्धन हमेशा कृषि सुधार के लिए नए नेतृत्व की जरूरत होने पर पहले विकल्प रहगे हैं। यह फैसला केवल इंदापुर तक सीमित नहीं, यह पूरे महाराष्ट्र के गन्ना किसानों और देश के कृषि क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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इंदापुर शहर में एक सभा को संबोधित करते हुए पवार ने लोगों से अपील की कि वे पाटिल को राज्य की विधानसभा में भेजे। इसके साथ ही उन्होंने एक तरह से पाटिल की उम्मीदवारी का एलान कर दिया। पवार ने यह भी संकेत दिया कि राज्य विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष रामराजे नाइक निंबालकर 14 अक्तूबर को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में शामिल हो सकते हैं। निंबालकर अभी उप मुख्यमंत्री अजित पवार के खेमे में हैं।
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उन्होंने कहा, "मुझे किसी ने फोन किया है कि 14 अक्तूबर को आओ, जैसे मैं इंदापुर आया हूं। मैंने पूछा कहां और किस उद्देश्य से? मुझे बताया गया कि यह वैसे ही उद्देश्य के लिए है, जैसे इंदापुर में है। मैंने पूछा- कहां आना है?...फल्टन..समझ गए? तो अगला पड़ा फल्टन है। इसके बाद इस महीने का ज्यादातर समय बुक है।" फल्टन निंबालकर का गृह क्षेत्र है, जिन्होंने 1995 में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में और 1999 व 2004 में राकांपा (अविभाजित) नेता के रूप में इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।
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दिलचस्प बात यह है कि निंबालकर ने रविवार को ही कहा था कि उन्हें शरद पवार को छोड़कर अजित पवार के साथ जाने पर पछतावा है। उन्होंने कहा, मैंने ऐसा (अजित पवार के खेमे में जाने का फैसला) पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
हर्षवर्धन पाटिल 2019 में कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा से उनका बाहर जाना उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के लिए एक झटका माना जा रहा है। वहीं, शरद पवार ने एक पूर्व राज्य मंत्री के रूप में कृषि सुधार और ग्रामीण विकास में योगदान के लिए पाटिल की प्रशंसा की।
पवार ने कहा, हम विभिन्न दलों में हो सकते हैं, लेकिन जब बात महाराष्ट्र के किसानों के कल्याण की आती है तो हम हमेशा मिलकर काम करते हैं। हर्षवर्धन हमेशा कृषि सुधार के लिए नए नेतृत्व की जरूरत होने पर पहले विकल्प रहगे हैं। यह फैसला केवल इंदापुर तक सीमित नहीं, यह पूरे महाराष्ट्र के गन्ना किसानों और देश के कृषि क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है।