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जवाब: कृषि कानूनों पर शरद पवार बोले, खारिज करने के बजाए विवादास्पद भाग में हो संशोधन

Thu, 01 Jul 2021 03:44 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 01 Jul 2021 03:44 PM IST
सार

शरद पवार से जब पूछा गया कि क्या किसानों की मांग को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव लाएगी? इस पर उन्होंने कहा कि पूरे कानून को खारिज करने के बजाए उस हिस्सों में संशोधन कर सकते हैं जिसको लेकर किसानों को आपत्ति है। 

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Sharad pawar discussions underway on controversial points of farm laws
एनसीपी प्रमुख शरद पवार - फोटो : PTI

विस्तार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने विवादास्पद कृषि कानूनों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कृषि कानूनों को पूरी तरह खारिज करने के बजाए इसके उस हिस्सों में संशोधन किया जाना चाहिए जिससे किसानों को इससे दिक्कत है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों का एक समूह केंद्र से पारित कृषि कानून के अलग-अलग पहलुओं का अध्ययन कर रहा है।

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शरद पवार से जब पूछा गया कि क्या कृषि कानून के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार प्रस्ताव लाएगी।  इस पर उन्होंने कहा, "पूरे बिल को खारिज कर देने के बजाए हम उस हिस्से में संशोधन कर सकते हैं जिसे लेकर किसानों को आपत्ति है, उन्होंने कहा कि इस बिल से संबंधित सभी पक्षों से विचार करने के बाद ही इसे विधानसभा में लाया जाएगा। शरद पवार ने कहा कि मंत्रियों का एक समूह इस कानून पर विचार कर रहा है। अगर ये समूह किसानों के हक में जरूरी बदलाव लेकर आता है तो इन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव लाने की जरूरत नहीं है। 
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6 महीनों से जारी है किसानोें का आंदोलन
शरद पवार ने कहा कि राज्यों को अपने यहां इस कानून को पास करने से पहले इसके विवादित पहलुओं पर विचार करना चाहिए तभी इस पर फैसला लिया जाना चाहिए।  पवार ने कहा कि उन्हें नहीं लगता है कि महाराष्ट्र विधानसभा के दो दिनों के सत्र में इस पर कोई चर्चा की जाएगी। एनसीपी प्रमुख ने कहा कि यदि ये आता है तो इस पर विचार किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि केंद्र के द्वारा पास किए गए कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली में पिछले साल 26 नवंबर से किसानों का प्रदर्शन चल रहा है।  किसान गाजीपुर बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

 

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