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Parliament: 'हैरान हूं कि कोई राज्य बंगाल मॉडल भी लागू करेगा?', अमित शाह ने लोकसभा में ममता सरकार की चुटकी ली
Tue, 06 Aug 2024 02:42 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 06 Aug 2024 02:42 PM IST
सार
गृहमंत्री अमित शाह बोले कि सरकार को उन राज्यों के मॉडल को लागू करने में कोई समस्या नहीं है, जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन मुझे लगता है कि कोई भी राज्य पश्चिम बंगाल मॉडल को लागू करना पसंद नहीं करेगा।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
- फोटो : ANI/PTI
विस्तार
लोकसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने ममता सरकार की चुटकी ली। अमित शाह ने कहा कि मुझे हैरानी है कि कोई राज्य बंगाल मॉडल भी लागू करना चाहेगा? वामपंथी उग्रवाद रोकने में बंगाल सरकार की भूमिका से सब वाकिफ हैं।
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दरअसल लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार वामपंथी उग्रवाद से निपटने में सफल रही है। उन्होंने पूछा कि क्या केंद्र सरकार राज्य के मॉडल का अध्ययन करेगी और इसे अन्य राज्यों में भी आजमाएगी?
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इसके जवाब में गृहमंत्री अमित शाह बोले कि सरकार को उन राज्यों के मॉडल को लागू करने में कोई समस्या नहीं है, जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन मुझे लगता है कि कोई भी राज्य पश्चिम बंगाल मॉडल को लागू करना पसंद नहीं करेगा। बता दें कि केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर आमने-सामने हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्व में वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में 60 फीसदी की कमी आई है।
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गृह राज्य मंत्री ने प्रस्तुत किए आंकड़े
भारत में वामपंथी उग्रवाद को लेकर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि 2010 के मुकाबले वामपंथी उग्रवादी हिंसा की घटनाओं में 73 फीसदी तक की कमी आई। इसके चलते हिंसा में 2010 में जहां 1005 लोगों और सुरक्षा जवानों की मौत हुई थी। वहीं 2023 में मौतों का आंकड़ा 86 फीसदी कम होकर 138 रह गया। वहीं 30 जून 2024 तक वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में 32 फीसदी और मौतों में 17 फीसदी की भारी कमी आई है। वामपंथी हिंसा का क्षेत्र भी काफी हद तक कम हुआ है। 2013 में 10 राज्य के 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे। अप्रैल 2024 तक नौ राज्य के केवल 38 जिले इस उग्रवाद से प्रभावित माने गए हैं।