हमने हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाया है - शाह
- हम आगे बढ़कर इस बात को सार्वजनिक रूप से जनता के बीच नहीं रख सकते
- सरकार ने हिंदूवादी एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए नमामि गंगे अभियान, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आयोजन और मांस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध सरीखे कदम उठाए हैं
विस्तार
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संघ के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष केंद्र सरकार के तीन अहम हिंदूवादी कार्यों को गिनाते हुए कहा है कि हमने हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाया है। शाह ने संघ नेतृत्व से इस बात को समझने और कार्यकर्ताओं के जरिये आगे जनता को समझाने की अपील की है।
सियासी मजबूरी का हवाला देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हम आगे बढ़कर इस बात को सार्वजनिक रूप से जनता के बीच नहीं रख सकते हैं। इसलिए उन्होंने संघ नेतृत्व से आग्रह किया कि वह अपने कार्यकर्ताओं के जरिये मोदी सरकार के हिंदूवादी कार्यों को जनता के बीच पहुंचाएं।
सूत्र बताते हैं कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा बैठक के दूसरे दिन केंद्र सरकार के कामकाज की उपलब्ध्यिों को गिनाते हुए शाह ने केंद्र सरकार के हिंदूवादी कार्यों की जानकारी संघ नेतृत्व के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि सरकार ने हिंदूवादी एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए नमामि गंगे अभियान, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आयोजन और मांस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध सरीखे कदम उठाए हैं।
जल्द योग को स्कूली पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाएगा
शाह ने संघ नेतृत्व को आश्वस्त किया है कि हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही योग को स्कूली पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाएगा। दरअसल सरकार पर कई दफे यह आरोप लगता है कि वह संघ के हिंदूवादी एजेंडे से समझौता कर रही है।
मगर शाह ने संघ के सबसे बडे़ मंच प्रतिनिधि सभा को आश्वस्त किया है कि केंद्र सरकार ने हिंदूवादी एजेंडे से समझौता नहीं किया है बल्कि उसे आगे बढ़ाया है। इसके अलावा शाह ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के आम बजट की उपलब्धियों को भी गिनाया। उन्होंने बताया कि सरकार ने कैसे अपनी प्राथमिकता में गांव, गरीब और किसान को आगे रखा है।
बजट में इस वर्ग की पूरी चिंता की गई है। उन्होंने मोदी सरकार के जनधन, मुद्रा बैंक, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंड़िया, स्कील इंडिया सरीखे योजनाओं भी गिनाईं। वहीं ईपीएफ मामले पर सरकार के कदम पीछे खिंचने की जानकारी देते हुए शाह ने बजट से नाराज चल रहे भारतीय मजदूर संघ और स्वदेशी जागरण मंच सरीखे संघ के अनुषांगिक संगठनों को साधने की कोशिश भी की।