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मुंबई : एंजल निवेशक महेश मूर्ति के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न का मामला खारिज
Wed, 18 Sep 2019 05:00 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Gaurav Pandey
Updated Wed, 18 Sep 2019 05:00 PM IST
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महेश मूर्ति (फाइल फोटो)
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बंबई उच्च न्यायालय ने एंजल निवेशक महेश मूर्ति के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले को खारिज कर दिया और कहा कि साल 2004 का मामला 14 साल बाद दर्ज करवाया गया और इस विलंब की वजह भी उचित तरीके से नहीं बताई गई।
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एक महिला की शिकायत पर बांद्रा पुलिस ने मार्च 2018 में मूर्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (यौन उत्पीड़न) और 509 (महिला का शील भंग करना) के तहत मामला दर्ज किया था। महिला का आरोप था कि फरवरी 2004 में वह मूर्ति से एक कॉफी शॉप में मिली थीं जहां मूर्ति ने उन्हें गलत ढंग से छुआ था।
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एक मजिस्ट्रेट ने मामले के आरोप पत्र का संज्ञान लिया जिसके बाद इस महीने मूर्ति ने उच्च न्यायालय में अर्जी दी। उसमें उन्होंने दावा किया कि अपराध कानून चुनिंदा अपराधों को दर्ज करने की सीमा तय करता है।
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जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया गया था उनके लिए सीमा तीन वर्ष है। दलीलों को सुनने के बाद खंड पीठ ने कहा कि सीमा अवधि समाप्त होने के बाद मजिस्ट्रेट आरोप पत्र का संज्ञान नहीं ले सकते।