बजट सत्र का अंतिम सप्ताह : राज्यसभा में सात विधेयक पेश किए जाएंगे, तीन लोकसभा पहले ही पारित कर चुकी
उच्च सदन के कामकाज की सलाहकार समिति ने अगले सप्ताह में इन विधेयकों पर चर्चा के लिए 17 घंटे आवंटित किए हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले तीन सप्ताहों में राज्यसभा में 101 फीसदी कामकाज हुआ है।
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उच्च सदन की कार्य मंत्रणा समिति ने अगले सप्ताह में इन विधेयकों पर चर्चा के लिए 17 घंटे आवंटित किए हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले तीन सप्ताहों में राज्यसभा में 101 फीसदी कामकाज हुआ है। बजट सत्र का दूसरा चरण 14 मार्च से शुरू हुआ था।
चालू सत्र के अंतिम सप्ताह में उच्च सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों में लोकसभा द्वारा पारित त्रिपुरा से संबंधित संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2022 और दिल्ली नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2022 शामिल है। इन्हें इस सप्ताह की शुरुआत में लोकसभा द्वारा पारित किया जा चुका है। इसके अलावा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कॉस्ट एंड वर्क्स अकाउंटेंट्स और कंपनी सेक्रेटरीज (संशोधन) बिल, 2021 भी पेश किया जाएगा। इसे भी लोकसभा ने पारित कर दिया है।
इनके अलावा उत्तर प्रदेश से संबंधित संविधान (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक, 2022, आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022 और भारतीय अंटार्कटिका विधेयक, 2022, सामूहिक विनाश के हथियार और उनकी वितरण प्रणाली (गैरकानूनी गतिविधियों का निषेध संशोधन) विधेयक, 2022 पेश किया जाएगा।
राज्यसभा के अधिकारियों ने बताया कि सदन की कार्य मंत्रणा समिति ने उपरोक्त सात विधेयकों के लिए कुल 17 घंटे का समय आवंटित किया है। अगले सप्ताह के दौरान राज्यसभा के कामकाज की निर्धारित समयावधि 29 घंटे 30 मिनट है। निजी सदस्यों का कार्य अगले शुक्रवार को निर्धारित है।
अधिकारियों ने कहा कि सत्र के दूसरे भाग के तीन सप्ताह के दौरान राज्यसभा ने 101 प्रतिशत उत्पादकता हासिल की है।तीसरे और अंतिम सप्ताह के दौरान व्यवधान और कार्यवाही स्थगित होने के कारण सदन को 54 मिनट का नुकसान हुआ, जबकि सदस्यगण 1 घंटे 48 मिनट ज्यादा भी बैठे।