चेन और रॉड से महिलाओं की हत्या करता था, सीरियल किलर को मिली सजा-ए-मौत
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पश्चिम बंगाल की कल्ना अदालत ने एक स्कूली छात्रा से दुष्कर्म और उसकी हत्या के आरोप में 42 साल के सीरियल किलर कामरुजमान सरकार को मौत की सजा सुनाई है। साइकिल की चेन से पीड़िताओं का गला दबाने की वजह से वह चेन हत्यारे के रूप में कुख्यात है। कामरुजमान के वकील ने कहा कि इस फैसले को वह कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
कल्ना अदालत के अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश तपन कुमार मंडल ने कामरुजमान को लड़की के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई है। उस पर अन्य अदालतों में पांच अन्य महिलाओं के यौन उत्पीड़न और हत्या का मामला है जबकि पूर्बा बर्धमान और पड़ोसी हुगली जिले में कम से कम तीन महिलाओं पर जानलेवा हमले करने के आरोप हैं।
अकेली महिलाओं को ऐसे बनाता था शिकार
यह कथित ‘सीरियल किलर’ घर में अकेली होने वाली महिलाओं को निशाना बनाता था और इसे पिछले साल पूर्बा बर्धमान जिले के कल्ना से गिरफ्तार किया गया। अभियोजन के अनुसार, 42 साल का कामरुजमान अच्छे कपड़ों में बिजली मीटर की रीडिंग लेने के बहाने घरों में घुसता था और महिलाओं को अकेला देखकर साइकिल चेन और लोहे की रॉड से हमला कर देता था। कुछ महिलाएं इसके चंगुल से खुद को मुक्त कराने में सफल रही थीं।
चोरी नहीं था मकसद फिर भी...
कामरुजमान की कोशिश चेन से महिलाओं का गला दबाने और फिर उनके सिर पर लोहे की रॉड से उन्हें मार देने की होती थी। भले ही आरोपी कुछ कीमती सामान चुराकर भी घर से भागता था, लेकिन चोरी उसका मकसद नहीं था। जिला पुलिस के मुताबिक महिलाओं की हत्या करना उसका प्रमुख उद्देश्य होता था। वह शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं। उसने कथित तौर पर कुछ पीड़िताओं के निजी अंगों में तेज हथियार भी डाल दिए थे।