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अब ट्रांसजेंडरों की दिक्कत हुई दूर, पैन फॉर्म में होगी अलग कैटेगरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 10 Apr 2018 05:31 PM IST
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सरकार ने कर नियमों में बदलाव कर पैन फॉर्म में ट्रांसजेंडरों के लिए अलग कैटेगरी बना दी है। अब तक पैन फॉर्म में स्त्री और पुरुष के तौर पर दो ही कैटेगरी होती थीं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसमें ट्रांसजेंडर्स को पैन के लिए आवेदन फॉर्म में नया टिक बॉक्स मिलेगा।
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सीबीडीटी का नोटिफिकेशन जारी, फॉर्म में होगा नया टिक बॉक्स
सीबीडीटी का यह नोटिफिकेशन आयकर कानून की धारा 139ए और 295 के तहत जारी किया गया है। इसमें पैन नंबर के लिए नया आवेदन फॉर्म जारी किया गया है। सीबीडीटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में बोर्ड को कुछ सुझाव मिले थे, जिसके बाद टैक्स नियमों में संशोधन किया गया। उन्होंने बताया कि ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को पैन कार्ड बनवाने में काफी दिक्कतें होती थीं।
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पैन और आधार को लिंक करने में आ रही थी दिक्कत
यह समस्या तब और बड़ी हो गई जब आधार में थर्ड जेंडर का प्रावधान किया गया, लेकिन पैन में ऐसा नहीं था। ऐसे में ट्रांसजेंडर अपना पैन आधार से लिंक नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने बताया कि नया बदलाव फॉर्म 49ए (भारतीय नागरिकों के लिए पैन आवेदन फॉर्म) और 49एए (गैर-भारतीय नागरिकों के लिए पैन आवेदन फॉर्म) में दिखाई देगा।
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दस डिजिट का अल्फान्यूमेरिक नंबर होता है पैन
पैन 10 डिजिट का यूनिक अल्फान्यूमेरिक नंबर (अक्षर और संख्या से मिलकर बना नंबर) होता है, जिसे आयकर विभाग की ओर से किसी व्यक्ति और कंपनी को जारी किया जाता है। सरकार ने आधार को आयकर रिटर्न दाखिल करने और नया पैन कार्ड बनवाने के लिए अनिवार्य कर दिया है।
आयकर कानून की धारा 139एए(2) के तहत हर व्यक्ति को अपना आधार नंबर टैक्स अथॉरिटीज को देना अनिवार्य होगा। 5 मार्च तक करीब 33 करोड़ पैन कार्डधारकों में 16.65 करोड़ ने अपना स्थायी खाता नंबर आधार से लिंक करा लिया है। सीबीडीटी ने दोनों को आपस में लिंक करने का समय 30 जून तक बढ़ा दिया है।