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TRAI: केबल ऑपरेटर से एक लाख की रिश्वत लेने के आरोप में ट्राई अधिकारी गिरफ्तार; सीबीआई ने जाल बिछाकर पकड़ा
Fri, 03 Jan 2025 01:45 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 03 Jan 2025 01:45 PM IST
सार
प्रारंभिक सत्यापन के बाद, सीबीआई ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया। उन्होंने आरोपी नरेंद्र सिंह रावत को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने हिमाचल प्रदेश में एक केबल ऑपरेटर को लाभ पहुंचाने के बदले एक लाख की रिश्वत लेने के आरोप में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। टीआरएआई अधिकारी की पहचान नरेंद्र सिंह रावत के तौर पर की गई है। केंद्रीय एजेंसी ने आरोपी नरेंद्र रावत पर मामला दर्ज किया। बता दें कि नरेंद्र ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में केबल सेवाएं चलाने के लिए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के एक लाइसेंस धारक से रिश्वत की मांग की थी।
आरोपी ने कथित तौर पर तिमाही रिपोर्ट का आकलन करने में मदद के लिए राज्य के अन्य पांच लाइसेंस धारक केबल ऑपरेटरों की ओर से पीड़ित ऑपरेटर को रिश्वत देने के लिए कहा। इस मामले में सीबीआई ने एक बयान जारी कर कहा, "ट्राई के दिशानिर्देशों के अनुसार, केबल ऑपरेटरों को अपनी तिमाही रिपोर्ट देना होता है, इसके आधार पर ही यह निर्णय लिया जाता है कि केबल ऑपरेटरों के लाइसेंस को जारी रखना है या रद्द करना है।"
प्रारंभिक सत्यापन के बाद, सीबीआई ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया। उन्होंने आरोपी नरेंद्र सिंह रावत को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। जांच एजेंसी आरोपी के आवासीय और आधिकारिक परिसरों पर छापेमारी कर रही है।
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आरोपी ने कथित तौर पर तिमाही रिपोर्ट का आकलन करने में मदद के लिए राज्य के अन्य पांच लाइसेंस धारक केबल ऑपरेटरों की ओर से पीड़ित ऑपरेटर को रिश्वत देने के लिए कहा। इस मामले में सीबीआई ने एक बयान जारी कर कहा, "ट्राई के दिशानिर्देशों के अनुसार, केबल ऑपरेटरों को अपनी तिमाही रिपोर्ट देना होता है, इसके आधार पर ही यह निर्णय लिया जाता है कि केबल ऑपरेटरों के लाइसेंस को जारी रखना है या रद्द करना है।"
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प्रारंभिक सत्यापन के बाद, सीबीआई ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया। उन्होंने आरोपी नरेंद्र सिंह रावत को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। जांच एजेंसी आरोपी के आवासीय और आधिकारिक परिसरों पर छापेमारी कर रही है।
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