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सीनियर डॉक्टर ने जूनियर से कहा मरीज को एडमिट कर मार डालो

Mon, 10 Oct 2016 02:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा Updated Mon, 10 Oct 2016 02:57 AM IST
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Senior doctor said kill the patient
- फोटो : demo pic

सीनियर डाक्टर अपने जूनियर से कह रहा है कि मरीज को एडमिट कर लो, चाहे मरने के लिए कर लो, मार डालो इसे....। संवेदनहीनता की यह शर्मनाक पराकाष्ठा एसएन मेडिकल कॉलेज में सामने आई है। यहां एक तीमारदार डाक्टर के सामने हाथ जोड़ रहा था, उसके पैर पकड़ रहा था, मरीज को भर्ती कराने के लिए। वह नहीं माना तो अपने फोन से उसकी सीनियर डाक्टर से बात कराई। सीनियर ने जूनियर को जो निर्देश दिया, वह मोबाइल में रिकार्ड हो गया।   

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मामला खंदारी निवासी टीकम सिंह प्रजापति का है। पीड़ित ने बताया कि 18 साल के बेटे मुकेश के पेट में दर्द हो रहा था। उसे सात अक्तूबर की रात करीब दस बजे इमरजेंसी लेकर पहुंचे। पहले तो एडमिट करने के लिए दो विभागों में ‘सीमा विवाद’ शुरू हो गया। दोनों के डाक्टर एक दूसरे पर टाल रहे थे।
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टीकम ने बताया कि मुकेश की हालत बिगड़ने लगी। उसने बोर्ड पर एचओडी का मोबाइल नंबर देखा। उसे फोन मिला दिया। उसने जूनियर डाक्टर से बात कराने के लिए कहा। जब उसने बात कराई तो डाक्टर ने जूनियर से कहा इसे चाहे मेडिकल में भर्ती कराओ, चाहे सर्जरी में, मरने के लिए भर्ती कर लो, चाहे मार डालो। यह मोबाइल में रिकार्ड हो गया। इसके बाद उसे भर्ती किया गया। अगले दिन सुबह करीब दस बजे मुकेश ने दम तोड़ दिया। 
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परिवारीजनों ने इसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। दोपहर में जिस फोन पर बात की उसमें रिकार्डिंग पड़ी थी, इसे सुना तो उनके होश उड़ गए। पीड़ित ने रविवार को इस ऑडियो क्लीपिंग के साथ थाना एमएम गेट पुलिस को तहरीर दी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी का कहना है कि डाक्टर का बयान दर्ज किया जाएगा। ऑडियो क्लीपिंग की जांच के बाद ही कार्रवाई तय की जाएगी।

जीए या मरे, मरीज को भर्ती करो

Senior doctor said kill the patient

उधर, सीनियर डाक्टर का कहना है कि मरीज को भर्ती न करने पर उन्होंने जूनियर डाक्टर को डांटा। उसे भर्ती करने के निर्देश दिए। कहा, जीए या मरे, मरीज को भर्ती करो। मेरे निर्देश का गलत मतलब निकाला जा रहा है।

एसएन मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डा. सरोज सिंह का कहना है कि अभी मैं बाहर हूं, लेकिन ऐसा किसी ने कहा है तो बेहद शर्मनाक है। आगरा पहुंचकर इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी डाक्टर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

आईएमए अध्यक्ष डा. जेएन टंडन ने कहा कि अगर डाक्टर के यह शब्द हैं, तो बेहद निंदनीय और सन्न करने वाले है। ऐसा निर्देश पूरे चिकित्सा जगत के लिए शर्मनाक है। डाक्टर खुद की मर्जी से बनते हैं, जिसमें 24 घंटे मरीजों के हितों के लिए सेवा का संकल्प भी लिया जाता है। डाक्टरों पर तमाम आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इस तरह का निर्देश अपने चिकित्सकीय जीवन में पहली बार सुना है।

 
मोबाइल में रिकार्ड हुई बातचीत
टीकम - लो बड़े डाक्टर साहब से बात करो।
सीनियर डाक्टर - हेलो...कौन बोल रहे हैं।
टीकम -  डाक्टर साहब 115 नंबर वाले हमारे मरीज को ले नहीं रहे ।
सीनियर डाक्टर - बात कराओ, कौन डाक्टर है?
टीकम ने फोन जूनियर डाक्टर को दिया। सीनियर से बात शुरू।
सीनियर डाक्टर - हां, क्या प्रॉब्लम है, बताओ? 
जूनियर डाक्टर - सेप्टिक ब्लीडिंग अल्सर का मरीज है, हीमोग्लोबिन है नहीं।
सीनियर डाक्टर - मेडिसिन, सर्जरी विभाग कही भी एडमिट कर लो, मरने के लिए, पता नहीं कहां कहां से...ब्लड लिख दे, चाहें मार डालो इसे, एडमिट जरूर कर लो।
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