फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Senior advocate's letter to CJI: BCI chairman says attempt to create 'undue influence'

CJI को वरिष्ठ वकील का पत्र: BCI अध्यक्ष बोले- यह दबाव बनाने का प्रयास, इसकी मंशा गोपनीय मकसद को आगे बढ़ाना

Sun, 10 Dec 2023 03:54 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 10 Dec 2023 03:54 PM IST
सार

CJI: बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने एक वरिष्ठ वकील द्वारा सीजेआई को खुला पत्र लिखने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह अनुचित प्रभाव पैदा करने और अनुकूल निर्णय प्राप्त करने का एक प्रयास है।

विज्ञापन
Senior advocate's letter to CJI: BCI chairman says attempt to create 'undue influence'
मनन मिश्रा - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखा है। उन्होंने शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित संवेदनशील मामलों को सूचीबद्ध करने को लेकर एक वरिष्ठ वकील द्वारा सीजेआई को हाल ही में लिखे गए खुले पत्र के बारे में चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि यह अनुचित प्रभाव पैदा करने और अनुकूल फैसला हासिल करने का एक प्रयास है।

विज्ञापन

वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने छह दिसंबर को सीजेआई को संबोधित एक खुला पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने मामलों को सूचीबद्ध करने और उन्हें शीर्ष अदालत की अन्य पीठों को फिर से आवंटित करने से संबंधित कुछ घटनाओं पर नाराजगी जताई थी। दवे ने पत्र में तत्काल सुधारात्मक उपाय करने की मांग की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

दुष्यंत दवे का नाम लिए बिना बीसीआई प्रमुख ने कहा कि इस तरह के पत्रों के माध्यम से किए गए प्रयास स्पष्ट रूप से अवमाननापूर्ण आचरण और गोपनीय उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए की गई शरारत है और इनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'यह पत्र कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह हैंडबुक की एक क्लासिक चाल है, जिसे हाल के दिनों में भारत के लगभग हर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष बार-बार आजमाया गया है। इस तरह के पत्र स्वतंत्र न्यायिक प्रणाली के कामकाज में अनुचित प्रभाव और दबाव पैदा करने का एक अतिरिक्त-न्यायिक तंत्र है।'

विज्ञापन

सीजेआई को लिखे पत्र में मनन मिश्रा ने आगे कहा, पत्र में किए गए दावे बिना किसी सच्चाई के सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए हैं और पूरी तरह से किसी भी वास्तविक उद्देश्य से रहित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के पत्रों के पीछे का उद्देश्य न्यायपालिका पर अपने प्रभावशाली ग्राहकों और हितों के लिए अनुकूल फैसले लेने के लिए दबाव डालना है। इसलिए इस तरह के पत्रों को खारिज कर दिया जाना चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed