R Venkataramani: कौन हैं आर वेंकटरमणि? तीन साल के लिए बने भारत के नए अटॉर्नी जनरल
आर वेंकटरमणि (R Venkataramani) ने 1982 में सुप्रीम कोर्ट में एक स्वतंत्र अभ्यास की स्थापना की थी। वेंकटरमणि को 2010 और फिर 2013 में भारत के विधि आयोग के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था। अब उन्हें देश का अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार ने बुधवार को वरिष्ठ अधिवक्ता आर वेंकटरमणि (R Venkataramani) को भारत का नया अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया। मौजूदा अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल का कार्यकाल 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है। आर वेंकटरमणि को तीन साल की अवधि के लिए अटॉर्नी जनरल के रूप में नियुक्त किया गया है, उनका कार्यकाल एक अक्तूबर 2022 से प्रभावी होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने हाल ही में यह पद लेने का सरकार का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इसके बाद अब इस पद पर आर वेंकटरमणि को नियुक्त किया गया है। आइए जानते हैं नए अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि के बारे में....
कौन हैं आर वेंकटरमणि?
13 अप्रैल 1950 को पांडिचेरी में जन्मे वेंकटरमणि ने जुलाई 1977 में तमिलनाडु बार काउंसिल में एक वकील के रूप में नामांकित हुए थे। वेंकटरमणि 1979 में सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता पीपी राव के कक्ष में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने 1982 में सुप्रीम कोर्ट में एक स्वतंत्र अभ्यास की स्थापना की। फिर सुप्रीम कोर्ट में उन्हें 1997 में वरिष्ठ अधिवक्ता का पद प्राप्त हुआ। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आर वेंकटरमणि को साल 2010 में भारत के विधि आयोग के सदस्य के रूप में और फिर 2013 में एक और कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया था। उन्होंने कानून की कई शाखाओं में प्रमुख रूप से संवैधानिक कानून, मध्यस्था कानून, अप्रत्यक्ष करों के कानून, कॉरपोरेट और प्रतिभूति कानून में अभ्यास किया। बता दें कि आर वेंकटरमणि ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में कई राज्य सरकारों, विश्वविद्यालयों और केंद्रीय और राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का प्रतिनिधित्व किया है।
देश के नए अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणि साल 2004 से 2010 के बीच सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में भारत सरकार के कई विभागों के लिए एक विशेष वरिष्ठ वकील भी रहे हैं और अदालत के कर्मचारियों की सेवा शर्तों से संबंधित मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के वकील के रूप में भी कार्य किया। आर वेंकटरमणि 1988 से अकादमिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
- आर वेंकटरमणि ने आम्रपाली मामले में सुप्रीम कोर्ट के रिसीवर के रूप में कार्य किया था, हाल ही में वह सुप्रीम कोर्ट में में हिजाब विवाद मामले में भी पेश हुए।
- वेंकटरमणि ने लगभग 42 वर्षों तक कानून का अभ्यास किया है और वह विधि आयोग के पूर्व सदस्य रह चुके हैं।
- वह न्यायालय के कर्मचारियों की सेवा शर्तों से संबंधित मामलों में सुप्रीम कोर्ट के वकील के रूप में भी पेश हुए थे।
क्या होता है अटॉर्नी जनरल का पद?
अटॉर्नी जनरल केंद्र सरकार के लिए देश के सबसे शीर्ष कानून अधिकारी और मुख्य कानूनी सलाहकार होता है जो सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण मामलों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करता है। अटॉर्नी जनरल सरकार का प्रथम विधि अधिकारी होता है।