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Sela Pass Tunnel: चीन से तनातनी के बीच सेला दर्रा सुरंग का तेजी से निर्माण कर रहा BRO, जुलाई 2023 तक होगा पूरा
Sun, 18 Dec 2022 09:35 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 18 Dec 2022 09:35 PM IST
सार
सेला दर्रा सुरंग का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा किया जा रहा है। परियोजना से जुड़े एक कर्मचारी नंद किशोर ने कहा कि सुरंग के जुलाई 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है।
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Sela Pass Tunnel
- फोटो : ANI
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विस्तार
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन से तनातनी के बीच अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हर मौसम में संपर्क साधने के लिए सेला दर्रा सुरंग का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यह सुरंग 13,000 फीट की ऊंचाई पर बनाई जा रही है।
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सेला दर्रा सुरंग का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा किया जा रहा है। परियोजना से जुड़े एक कर्मचारी नंद किशोर ने कहा कि सुरंग के जुलाई 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है।
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किशोर ने कहा कि वर्तमान में भारतीय सेना के जवान और क्षेत्र के लोग तवांग तक पहुंचने के लिए बालीपारा-चारीदुआर रोड का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि अत्यधिक बर्फबारी के कारण सेला दर्रा मार्ग के माध्यम से संपर्क सर्दियों के दौरान प्रभावित हो जाता है। वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित हो जाती है।
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उन्होंने कहा, सेला दर्रा सुरंग मौजूदा सड़क को बायपास करेगी और यह बैसाखी को नूरानंग से जोड़ेगी। सेला सुरंग सेला-चारबेला रिज से कटती है, जो तवांग जिले को पश्चिम कामेंग जिले से अलग करती है। यह सेला दर्रा के पश्चिम में कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सुरंग सुगम वाहनों की आवाजाही प्रदान करेगी।
नंद किशोर ने बताया, टनल के पूरा होने के बाद दूरी करीब 8-9 किमी कम हो जाएगी। इस परियोजना में एक जुड़वां ट्यूब सहित दो सुरंगें शामिल हैं। टनल 2 में ट्रैफिक के लिए एक बाइ-लेन ट्यूब और आपात स्थिति के लिए एक एस्केप ट्यूब है।