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Congress: 'अमेरिका दौरे का असर', PAK से बातचीत जारी रखने वाले बयान को लेकर कांग्रेस का होसबाले और RSS पर तंज
Wed, 13 May 2026 11:25 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 13 May 2026 11:25 AM IST
सार
Congress: कांग्रेस ने आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबाले के पाकिस्तान से बातचीत जारी रखने वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि उन पर हालिया अमेरिका यात्रा का असर दिख रहा है और अगर यही बात कोई और कहता तो तीखी प्रतिक्रिया होती। पढ़िए रिपोर्ट-
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जयराम रमेश, कांग्रेस नेता
- फोटो : एएनआई
विस्तार
कांग्रेस ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान पर तंज कसा, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए हमेशा एक रास्ता खुला रहना चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि उनकी हालिया अमेरिका यात्रा का असर उन पर और आरएसएस दोनों पर पड़ा है।
विपक्षी पार्टी ने यह भी कहा कि अगर यही बयान किसी और ने दिया होता तो 'भक्त ब्रिगेड और टीवी चैनलों' की तीखी प्रतिक्रिया होती। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर होसबाले के इंटरव्यू का वीडियो साझा करते हुए यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि हाल ही में अमेरिका की यात्रा के दौरान उनके एक सहयोगी ने यह माना था कि प्रधानमंत्री अमेरिका के दबाव में काम कर रहे हैं, उसका असर होसबाले और आरएसएस दोनों पर पड़ा है। रमेश ने आगे कहा, जरा सोचिए, अगर यही बात किसी और ने कही होती तो भक्त ब्रिगेड और कई टीवी चैनल कितना हंगामा मचाते।
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इंटरव्यू में होसबाले ने क्या कहा था?
होसबाले ने पीटीआई के साथ इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान के साथ गतिरोध तोड़ने के लिए लोगों के बीच संपर्क सबसे अहम है और बातचीत के लिए दरवाजा हमेशा खुला रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने भारत का भरोसा खो दिया है और अब नागरिक समाज को आगे आना चाहिए।
होसबाले ने कहा, देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना सरकार का काम है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बातचीत के रास्ते बंद कर दिए जाएं। हमें हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए। आरएसएस महासचिव ने कहा कि दोनों देशों के बीच गतिरोध खत्म करने में लोगों के बीच संपर्क सबसे जरूरी है और इसे और बढ़ाया जाना चाहिए।
आरएसएस ने हाल ही में अपने संगठन को लेकर पश्चिमी देशों में गलतफहमियां दूर करने के लिए अभियान चलाया था, जिसके तहत होसबाले ने अमेरिका और ब्रिटेन में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। होसबाले ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और हडसन इंस्टीट्यूट समेत कई जगहों पर व्याख्यान दिए और भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात की।
ये भी पढ़ें: ग्रेट निकोबार परियोजना: जयराम रमेश ने मंत्री जुएल ओराम को लिखा पत्र, आदिवासी अधिकारों के उल्लंघन का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने भी आरएसएस पर साधा निशाना
इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरएसएस को 'राष्ट्रीय समर्पण संघ' कहा था और संगठन पर विदेश में अलग और भारत में अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरएसएस नेता राम माधव के एक बयान का भी जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने रूस और ईरान से तेल खरीद बंद करने और अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ को स्वीकार करने पर सहमति दी है।
हालांकि, बाद में राम माधव ने माफी मांगते हुए कहा कि उनका बयान तथ्यात्मक रूप से गलत था और भारत ने रूस से तेल आयात बंद नहीं किया है। उन्होंने अमेरिकी टैरिफ का विरोध किया था।
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विपक्षी पार्टी ने यह भी कहा कि अगर यही बयान किसी और ने दिया होता तो 'भक्त ब्रिगेड और टीवी चैनलों' की तीखी प्रतिक्रिया होती। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर होसबाले के इंटरव्यू का वीडियो साझा करते हुए यह टिप्पणी की।
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उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि हाल ही में अमेरिका की यात्रा के दौरान उनके एक सहयोगी ने यह माना था कि प्रधानमंत्री अमेरिका के दबाव में काम कर रहे हैं, उसका असर होसबाले और आरएसएस दोनों पर पड़ा है। रमेश ने आगे कहा, जरा सोचिए, अगर यही बात किसी और ने कही होती तो भक्त ब्रिगेड और कई टीवी चैनल कितना हंगामा मचाते।
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इंटरव्यू में होसबाले ने क्या कहा था?
होसबाले ने पीटीआई के साथ इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान के साथ गतिरोध तोड़ने के लिए लोगों के बीच संपर्क सबसे अहम है और बातचीत के लिए दरवाजा हमेशा खुला रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने भारत का भरोसा खो दिया है और अब नागरिक समाज को आगे आना चाहिए।
होसबाले ने कहा, देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना सरकार का काम है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बातचीत के रास्ते बंद कर दिए जाएं। हमें हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए। आरएसएस महासचिव ने कहा कि दोनों देशों के बीच गतिरोध खत्म करने में लोगों के बीच संपर्क सबसे जरूरी है और इसे और बढ़ाया जाना चाहिए।
आरएसएस ने हाल ही में अपने संगठन को लेकर पश्चिमी देशों में गलतफहमियां दूर करने के लिए अभियान चलाया था, जिसके तहत होसबाले ने अमेरिका और ब्रिटेन में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। होसबाले ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और हडसन इंस्टीट्यूट समेत कई जगहों पर व्याख्यान दिए और भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात की।
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राहुल गांधी ने भी आरएसएस पर साधा निशाना
इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरएसएस को 'राष्ट्रीय समर्पण संघ' कहा था और संगठन पर विदेश में अलग और भारत में अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरएसएस नेता राम माधव के एक बयान का भी जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने रूस और ईरान से तेल खरीद बंद करने और अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ को स्वीकार करने पर सहमति दी है।
हालांकि, बाद में राम माधव ने माफी मांगते हुए कहा कि उनका बयान तथ्यात्मक रूप से गलत था और भारत ने रूस से तेल आयात बंद नहीं किया है। उन्होंने अमेरिकी टैरिफ का विरोध किया था।