फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   security forces are troubled Without AFSPA in manipur violence facing false allegations

मणिपुर हिंसा: हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में अफ्स्पा के बिना सुरक्षा बल परेशान, झूठे आरोपों का करना पड़ रहा सामना

Thu, 13 Jul 2023 06:30 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 13 Jul 2023 06:30 AM IST
सार

मणिपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष युमनम निमोलचंद ने रविवार को एलान किया कि जनता उन्हें सुरक्षा बलों के खिलाफ अपनी शिकायतों के समर्थन में दस्तावेज, तस्वीरें व साक्ष्य मुहैया कराए, ताकि उन्हें अदालतों में घसीटा जा सके।

विज्ञापन
security forces are troubled Without AFSPA in manipur violence facing false allegations
सीमा सुरक्षा बल - फोटो : ट्विटर/बीएसएफ

विस्तार

जातीय हिंसा में झुलस रहे मणिपुर में सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफ्स्पा) लागू नहीं होने से सुरक्षा बलों को हिंसा के साथ ही झूठे आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा बलों के अधिकारियों का कहना है कि अफ्स्पा के बिना हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में जवान खुद को हालात काबू करने में असहाय महसूस कर रहे हैं। इसके लिए सेना ने अशांत क्षेत्र घोषित किए गए 19 थाना क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के साथ ही मजिस्ट्रेट तैनात करने का अनुरोध किया है, ताकि सुरक्षा बल झूठे मामलों और आरोपों से बच सकें। सेना और असम राइफल्स ने राज्य सरकार से कहा, मौजूदा माहौल में जहां दो समुदाय एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं, सुरक्षा बलों का ध्यान हिंसा रोकने पर होना चाहिए, लेकिन सुरक्षा बलों को झूठे मामलों में अदालतों में घसीटा जा रहा है।

विज्ञापन

सेना को बचाव के लिए वकील भी नहीं मिल रहे हैं, क्योंकि सभी अदालतें इंफाल घाटी के भीतर हैं। अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया पर उनके खिलाफ निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही मणिपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष युमनम निमोलचंद ने रविवार को एलान किया कि जनता उन्हें सुरक्षा बलों के खिलाफ अपनी शिकायतों के समर्थन में दस्तावेज, तस्वीरें व साक्ष्य मुहैया कराए, ताकि उन्हें अदालतों में घसीटा जा सके। अधिकारियों ने इस एलान को चिंताजनक बताते हुए कहा, यह कदम सेना, असम राइफल्स, सीआरपीएफ और बीएसएफ के खिलाफ है। लिहाजा, सुरक्षा बल अब मजिस्ट्रेट की मौजूदगी के बिना कहीं पर भी नहीं जाएंगे। 

विज्ञापन

आईटीएलएफ ने कुकी समुदाय से मांगी माफी
इंडिजिनियस ट्राइबल लीडर फोरम (आईटीएलएफ) ने बुधवार को मणिपुर में मैतेई व कुकी समुदाय के लोगों से माफी मांगी है। संगठन ने कहा कि वह समुदायों में एकता बढ़ाने और उनके कल्याण के लिए समर्पित है। उसे अपने गलत काम पर पछतावा है, जिसकी वजह से मणिपुर में निर्दोष कुकी लोगों का ब्रेनवॉश किया गया और मैतेई लोगों के साथ दुर्भाग्यपूर्ण संघर्ष हुआ। भारी मन से हम इन मूल सिद्धांतों को पूरा करने में अपनी नाकामी स्वीकार करते हैं, इससे अनपेक्षित परिणाम सामने आए, जिससे कुकी, मैतेई दोनों समुदाय प्रभावित हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

विधायकों की शाह से असम राइफल्स को हटाने की अपील
मणिपुर के 31 विधायकों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से राज्य में शांति बहाली की अपील करते हुए कहा, राज्य में शांति के लिए असम राइफल्स के बजाय दूसरे केंद्रीय बलों को तैनात किया जाए। इसके साथ ही विधायकों ने कहा कि हिंसा रोकने में असम राइफल्स की भूमिका की विस्तृत जांच होनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed