मणिपुर हिंसा: हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में अफ्स्पा के बिना सुरक्षा बल परेशान, झूठे आरोपों का करना पड़ रहा सामना
मणिपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष युमनम निमोलचंद ने रविवार को एलान किया कि जनता उन्हें सुरक्षा बलों के खिलाफ अपनी शिकायतों के समर्थन में दस्तावेज, तस्वीरें व साक्ष्य मुहैया कराए, ताकि उन्हें अदालतों में घसीटा जा सके।
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जातीय हिंसा में झुलस रहे मणिपुर में सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफ्स्पा) लागू नहीं होने से सुरक्षा बलों को हिंसा के साथ ही झूठे आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा बलों के अधिकारियों का कहना है कि अफ्स्पा के बिना हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में जवान खुद को हालात काबू करने में असहाय महसूस कर रहे हैं। इसके लिए सेना ने अशांत क्षेत्र घोषित किए गए 19 थाना क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के साथ ही मजिस्ट्रेट तैनात करने का अनुरोध किया है, ताकि सुरक्षा बल झूठे मामलों और आरोपों से बच सकें। सेना और असम राइफल्स ने राज्य सरकार से कहा, मौजूदा माहौल में जहां दो समुदाय एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं, सुरक्षा बलों का ध्यान हिंसा रोकने पर होना चाहिए, लेकिन सुरक्षा बलों को झूठे मामलों में अदालतों में घसीटा जा रहा है।
सेना को बचाव के लिए वकील भी नहीं मिल रहे हैं, क्योंकि सभी अदालतें इंफाल घाटी के भीतर हैं। अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया पर उनके खिलाफ निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही मणिपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष युमनम निमोलचंद ने रविवार को एलान किया कि जनता उन्हें सुरक्षा बलों के खिलाफ अपनी शिकायतों के समर्थन में दस्तावेज, तस्वीरें व साक्ष्य मुहैया कराए, ताकि उन्हें अदालतों में घसीटा जा सके। अधिकारियों ने इस एलान को चिंताजनक बताते हुए कहा, यह कदम सेना, असम राइफल्स, सीआरपीएफ और बीएसएफ के खिलाफ है। लिहाजा, सुरक्षा बल अब मजिस्ट्रेट की मौजूदगी के बिना कहीं पर भी नहीं जाएंगे।
आईटीएलएफ ने कुकी समुदाय से मांगी माफी
इंडिजिनियस ट्राइबल लीडर फोरम (आईटीएलएफ) ने बुधवार को मणिपुर में मैतेई व कुकी समुदाय के लोगों से माफी मांगी है। संगठन ने कहा कि वह समुदायों में एकता बढ़ाने और उनके कल्याण के लिए समर्पित है। उसे अपने गलत काम पर पछतावा है, जिसकी वजह से मणिपुर में निर्दोष कुकी लोगों का ब्रेनवॉश किया गया और मैतेई लोगों के साथ दुर्भाग्यपूर्ण संघर्ष हुआ। भारी मन से हम इन मूल सिद्धांतों को पूरा करने में अपनी नाकामी स्वीकार करते हैं, इससे अनपेक्षित परिणाम सामने आए, जिससे कुकी, मैतेई दोनों समुदाय प्रभावित हुए हैं।
विधायकों की शाह से असम राइफल्स को हटाने की अपील
मणिपुर के 31 विधायकों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से राज्य में शांति बहाली की अपील करते हुए कहा, राज्य में शांति के लिए असम राइफल्स के बजाय दूसरे केंद्रीय बलों को तैनात किया जाए। इसके साथ ही विधायकों ने कहा कि हिंसा रोकने में असम राइफल्स की भूमिका की विस्तृत जांच होनी चाहिए।