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2012 में इस्राइली राजनयिकों पर हुए हमले से जोड़कर जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियां

Sun, 31 Jan 2021 03:51 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 31 Jan 2021 03:51 AM IST
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Security agencies is investigating links to attacks on Israeli diplomats in 2012
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Twitter

इस्राइली दूतावास के पास शुक्रवार को हुए बम धमाके की जांच सुरक्षा एजेंसियां 2012 में हुए हमले से जोड़कर कर रही हैं। दिल्ली के इस्राइली राजदूत की इनोवा कार को 13 फरवरी, 2012 को चुंबक बम से निशाना बनाया गया था। उस वारदात में भी ईरानी नागरिकों का नाम सामने आया था। दिल्ली पुलिस उस मामले में किसी को नहीं पकड़ पाई थी। ये ईरानी नागरिक भारत आए थे और धमाके के बाद लौट गए थे।

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दरअसल, घटनास्थल से मिले लिफाफे से मिले पत्र में ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी का जिक्र है, जिनकी पिछले साल इराक में ड्रोन हमले में हत्या कर दी गई थी।

इसके अलावा, ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फकीरजादेह का भी नाम पत्र में है, जिनकी नवंबर 2020 में सैटेलाइट नियंत्रित स्मार्ट सिस्टम मशीनगन का इस्तेमाल कर हत्या की गई थी। पत्र में इन दोनों की हत्याओं का बदला लेने की बात कही गई है। इस पत्र में इस्राइल के दो राजदूतों के नाम हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि बदला लेने के लिए किसी ईरानी नागरिक ने यह धमाका किया है।
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स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि पत्र अंग्रेजी भाषा में सुंदर तरीके से लिखा है। इसमें 10 से 12 लाइनें हैं। डीएनए फिंगर जांच के लिए सुरक्षित रखने के चलते अभी पत्र से ज्यादा छेड़छाड़ नहीं की जा रही है। डीएनए जांच कराने के बाद ही दिल्ली पुलिस पत्र के बारे में खुलासा करने की बात कह रही है। इससे मिले डीएनए का मिलान संदिग्धों से कराया जाएगा।
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एफआरआरओ से ईरानी नागरिकों की जानकारी मांगी
पुलिस ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) से ईरानी नागरिकों की जानकारी मांगी है। पिछले एक माह के दौरान भारत आए और ईरान गए लोगों की जानकारी तलब की गई है। यह पता लगाने का भी प्रयास किया जा रहा है कि वीजा समाप्त होने के बाद कौन ईरानी नागरिक भारत में ही रुका हुआ है।

शनिवार को पुलिस ने लाजपत नगर और भोगल इलाके में जाकर कुछ लोगों से पूछताछ भी की। वहीं, कैब सर्विस देने वाली कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा गया है कि शुक्रवार दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच डॉ. अब्दुल कलाम रोड पर किन-किन लोगों ने और कहां से सर्विस मांगी थी।

बंद थे ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे
पुलिस सूत्रों का कहना है कि दूतावास के पास हुए धमाके के समय आसपास लगे ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। एक-दो कैमरों की ही फुटेज मिली है। इसी से पुलिस को पता चला है कि धमाके से कुछ समय पूर्व दो संदिग्ध कैब से पहुंचे और दूतावास के पास एक गमले में कुछ संदिग्ध रखा और चले गए।


पुलिस ने शनिवार को एक बंगले का डीवीआर भी कब्जे में लिया। उसको जांच के लिए भेज दिया गया है। हालांकि बरामद सीसीटीवी फुटेज का समय और तारीख सही नहीं बताई जा रही है।

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