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राजस्थान के कोटा में पिछले 27 सालों से धारा 144 लागू
एजेंसी, कोटा
Updated Sat, 10 Sep 2016 05:38 PM IST
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कोटा
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पिछले 27 सालों से कोटा शहर के एक हिस्से के लगभग एक लाख निवासी धारा 144 के निषेध आदेशों के साये में जी रहे हैं। धारा 144 लागू होने के कारण यहां के निवासी शादी-विवाह और अंतिम संस्कार के अलावा कोई सार्वजनिक कार्यक्रम भी आयोजित नहीं कर सकते।
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कोटा शहर के लगभग दो किमी क्षेत्र के दायरे में आने वाले बजाज खाना, घंटा घर, मकबरा पाटन पोल और तिप्ता में यह धारा लागू है जिसके तहत चार या इससे अधिक व्यक्ति एक जगह इकट्ठे नहीं हो सकते। अल्पसंख्यक बहुल इन क्षेत्रों में 1989 की सांप्रदायिक हिंसा के बाद धारा 144 लगाया गया था।
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यहां के निवासियों का दावा है कि कानून और व्यवस्था में किसी तरह की समस्या की कोई खबर न आने के बावजूद पाबंदियां जारी हैं और यह उनके लिए कलंक है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बैंक उन्हें लोन नहीं देते और अधिकारी उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं देते हैं।
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उल्लेखनीय है कि सितंबर 1989 में हुए सांप्रदायिक दंगे के बाद कर्फ्यू हटाने के बाद धारा 144 लगाया गया था। हालांकि, कोटा के तत्कालीन जिला कलेक्टर ने सितंबर 1990 में इस धारा को अगले आदेश तक प्रभावी रखने का आदेश दिया था और अगला आदेश कभी आया ही नहीं।