भारत बंद: कहीं भी हिंसा हुई तो डीएम और एसपी होंगे जिम्मेदार
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सोशल मीडिया पर 3 अप्रैल से ही मंगलवार 10 अप्रैल को आरक्षण के विरोध में भारत बंद के आयोजन का प्रचार किया जा रहा है। 2 अप्रैल को हुए दलित आंदोलन से देश भर में भारी हिंसा हुई थी और 17 लोगों की भी मौत हो गई थी। ऐसा दोबारा न हो इसलिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देष दिए हैं। गृह मंत्रालय इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता है। मंत्रालय ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि अगर कहीं भी हिंसा या अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए सीधे तौर पर इलाके के डीएम और एसडीएम जिम्मेदार होंगे।
केंद्र सरकार के आदेश
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर समूहों ने मंगलवार को भारत बंद का एलान किया था। इसके लिए केंद्र की ओर से विभिन्न राज्यों को पुख्ता इंतजाम करने के लिए एडवाइजरी जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने जरूरत पड़ने पर धारा 144 लागू करने और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश में सुरक्षा के इंतजाम
दलितों द्वारा किए गए भारत बंद में सबसे ज्यादा हिंसा मध्यप्रदेश मे हुई। यहां करीब 8 लोगों की मौत हुई थी इसलिए ग्वालियर और भिंड जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। यही दो इलाके दलित हिंसा के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। साथ ही यहां की इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं और सभी स्कूल, कॉलेज और बैंकों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा सागर और भोपाल में धारा 144 लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार में भी पुख्ता इंतजाम
पटना में भी सभी बड़े प्राइवेट स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां के एडीजी का कहना है कि उन्हें कुछ संगठनों द्वारा भारत बंद किए जाने से संबंधित इन्पुट्स मिले हैं। उन्होंने कहा सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर स्तर पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
बता दें पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर भारत बंद करने का प्रचार किया जा रहा है। इससे संबंधित मैसेज भी व्हाट्सएप और फेसबुक के जरिए फैलाए जा रहे हैं। हालांकि किसी बड़े संगठन द्वारा इसका समर्थन नहीं किया गया है। वहीं इससे जुड़े कई ऑडियो-विडियो भी हैं। इन सभी में आरक्षण को खत्म करने की बात कही गई है। इन्हीं में से एक मैसेज में लिखा था स्वैच्छिक भारत बंद। इस मैसेज में कारोबारियों से कहा गया है कि वह स्वैच्छिक भाव से अपनी दुकानें बंद रखें। इसके अलावा मैसेज में यह भी लिखा है कि एक दिन अपने और अपने बच्चों के लिए, निवेदक के रूप में ओबीसी और जनरल कैटेगरी। इस बार सरकार ने सुरक्षा के इंतजाम पहले से ही कर दिए हैं ताकि कहीं भी हिंसा का वातावरण उतपन्न ना हो पाए।