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पतंजलि के विज्ञापन पर उठे सवाल, एसईए ने जताई आपत्ति
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 22 Apr 2016 03:16 AM IST
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खाद्य तेल उद्योग संगठन एसईए, पतंजलि के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई और विज्ञापन उद्योग के रक्षक एएससीआई से संपर्क साध रहा है। एसईए का आरोप है कि पतंजलि के सरसों तेल का विज्ञापन झूठा और भ्रामक है।
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एसईए (सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने स्पष्ट किया कि अन्य खाद्य तेलों के लिए अपमानजनक टिप्पणी बर्दास्त नहीं की जाएगी। संगठन ने दावा किया कि पतंजलि का कच्ची घानी सरसों तेल का विज्ञापन उचित नहीं है।
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हालांकि पतंजलि ने जोर देकर कहा कि इसका मौजूदा विज्ञापन तथ्यों, जांच परिणामों और शोध पर आधारित है। पतंजलि का इरादा किसी को गुमराह करने का नहीं है। कंपनी के विज्ञापन में दावा किया गया था कि अन्य ब्रांडों के कच्ची घानी सरसों तेल मिलावटी हैं। एसईए ने ऐसे दावों पर आपत्ति जताई है।
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मुंबई स्थित एसईए ने एक बयान में कहा कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड द्वारा प्रकाशित किए गए कच्ची घानी सरसों तेल का मौजूदा विज्ञापन उचित नहीं है। इस विज्ञापन में सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टेड तेलों के बारे में भ्रामक और झूठे बयान दिये गये हैं।
एसईए ने पतंजलि का ध्यान खींचने के लिए उसे साक्ष्य दस्तावेजों के साथ एक विस्तृत ज्ञापन-पत्र भेजा है। साथ ही ज्ञापन में सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टेड तेलों के खिलाफ दिए गए भ्रामक बयानों को वापस लेने का निवेदन किया है।