Bengaluru Violence: जांच में खुलासा-हिंसा में SDPI का हाथ, भाजपा ने की PFI की राजनीतिक विंग पर बैन की मांग
पुलकेशी नगर से कांग्रेस के विधायक आर अखंड श्रीनिवास मूर्ति के रिश्तेदार पी नवीन द्वारा सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट डाले जाने पर डीजे हल्ली और आसपास के इलाके में 11 अगस्त 2020 की रात को भीड़ हिंसक हो गई थी। भीड़ ने कई वाहनों में आग लगाई थी और श्रीनिवासमूर्ति और उनके भतीजे नवीन के घर पर पत्थरबाजी की थी।
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2020 में बेंगलुरु के केजी हल्ली और डीजे हल्ली इलाके में हुई हिंसा पर बेंगलुरु शहरी इलाके के उपायुक्त ने जांच रिपोर्ट पेश कर दी है। मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2020 में हुई हिंसा में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के सदस्यों की भी भूमिका थी। रिपोर्ट के मुताबिक, एसडीपीआई के सदस्यों ने आतंकवादियों के रूप में काम करते हुए लोगों के मन में आतंक पैदा करने की साजिश रची थी। जिसके फलस्वरूप इलाके में हिंसा भड़की थी। गौरतलब है कि एसडीपीआई प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा है।
हिंसा भड़काने में प्रतिबंधित संगठन की राजनितिक शाखा की भूमिका होने के साथ ही रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि इन दंगों के लिए पहले योजना बनाई गई थी। इसके अलावा मजिस्ट्रियल जांच में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई जैसे गोली चलाने, आंसू गैस के गोले दागने और दंगाइयों पर लाठीचार्ज करने को सही ठहराया गया है। इसके लिए पुलिस को क्लीन चिट टी गई है।
भाजपा ने की एसडीपीआई पर प्रतिबंध लगाने की मांग
वहीं, 2020 में हुए दंगों के मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने एसडीपीआई पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। सीटी रवि ने कहा कि उन्होंने कुछ ही मिनटों में हजारों वाहनों को आग के हवाले कर दिया और करीब 20 घंटे तक हंगामा किया। क्या यह अचानक किया जा सकता है? यह किया जा सकता है अगर यह पूर्व नियोजित है। हमने कहा था कि इसके पीछे एसडीपीआई, पीएफआई का हाथ है।आज सबूत आज सामने आया। एसडीपीआई पर प्रतिबंध लगाने का यह सही समय है।
कैसे फैली थी हिंसा?
पुलकेशी नगर से कांग्रेस के विधायक आर अखंड श्रीनिवास मूर्ति के रिश्तेदार पी नवीन द्वारा सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक पोस्ट डाले जाने पर डीजे हल्ली और आसपास के इलाके में 11 अगस्त 2020 की रात को भीड़ हिंसक हो गई थी। भीड़ ने कई वाहनों में आग लगाई थी और श्रीनिवासमूर्ति और उनके भतीजे नवीन के घर पर पत्थरबाजी की थी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और 105 लोग घायल हो गए, जिसमें 70 पुलिस वाले और 35 नागरिक शामिल हैं।
दंगाइयों ने विधायक के आवास और डीजे हल्ली पुलिस थाने के अलावा पुलिस के वाहनों और कई निजी वाहनों में आग लगा दी थी। दंगाइयों ने विधायक और उनकी बहन के आवास पर लूटपाट भी की थी।