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'भारत नहीं फ्रांस से लीक हुई थी स्कॉर्पीन से जुड़ी जानकारी'

Sun, 18 Sep 2016 03:42 AM IST
एजेंसी/ मुंबई
एजेंसी/ मुंबई Updated Sun, 18 Sep 2016 03:42 AM IST
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Scorpene data leak took place in France, not India
- फोटो : demo

स्कॉर्पीन डाटा लीक मामले की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि लीक भारत में नहीं बल्कि फ्रांस में डिफेंस कंपनी डीसीएनएस के कार्यालय से हुई थी। यह जानकारी नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने शनिवार को दी। नौसेना प्रमुख प्रोजेक्ट 15बी के दूसरे पोत निर्देशित मिसाइल विध्वंसक मोरमुगाओ को शुरू करने के बाद बोल रहे थे। 

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एडमिरल लांबा ने कहा, ‘उच्चस्तरीय समिति हमारी तरफ भी स्कॉर्पीन लीक मामले की जांच कर रही है।’ उन्होंने कहा, ‘इस जांच के आधार पर हम देखेंगे कि क्या करने की जरूरत है, किसी एहतियाती कदम की जरूरत है अथवा नहीं।’ 
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नौसेना प्रमुख ने कहा, ‘मामले में प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि लीक भारत में नहीं बल्कि फ्रांस में डीसीएनएस के कार्यालय से हुआ।’ उन्होंने कहा, ‘फ्रांस में डीसीएनएस और फ्रांस सरकार ने जांच शुरू की है। इस जांच के आधार पर हम देखेंगे कि क्या करने की जरूरत है।’

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मोदी ने फ्रांस्वा ओलांद से की थी स्कॉर्पीन डाटा लीक मामले पर बात

Scorpene data leak took place in France, not India

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 शिखर सम्मलेन के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद से मुलाकात कर भारतीय स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी से संबंधित गोपनीय जानकारी लीक होने का मामला उठाया था। 

स्कॉर्पीन लीक मामले पर अखबार के खिलाफ अदालत पहुंची डीसीएनएस

मुश्किलों में फंसी फ्रांस की रक्षा कंपनी डीसीएनएस भारत के स्कॉर्पीन पनडुब्बी परियोजना से जुड़े लीक दस्तावेजों के मामले में अदालत पहुंच गई है। कंपनी  दस्तावेज प्रकाशित करने वाले अखबार ‘द ऑस्ट्रेलियन’ के खिलाफ याचिका दायर करते हुए ऑस्ट्रेलिया के सुप्रीम कोर्ट से दस्तावेजों के आगे प्रकाशन पर रोक लगाने की अपील कर चुकी है।

डीसीएनएस अदालत से यह आदेश चाहती है कि अखबार उसके स्वामित्व वाले दस्तावेज कंपनी को सौंप दे और अपनी वेबसाइट से इससे संबंधित सामग्री को हटा ले। डीसीएनएस के वकील जस्टिन मुनसी की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों के प्रकाशन से डीसीएनएस को प्रत्यक्ष तौर पर नुकसान हुआ है।

परिकर ने कहा था 'स्कॉर्पीन पनडुब्बी दस्तावेज लीक से देश को कोई खतरा नहीं'

Scorpene data leak took place in France, not India
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर - फोटो : Getty

रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने कहा था कि स्कॉर्पीन पनडुब्बी से संबंधित लीक दस्तावेज सुरक्षा के लिए खतरा नहीं हैं। आस्ट्रेलिया के अखबार में दो किस्तों में छपी दस्तावेजों को चिंता की बात नहीं, बताते हुए परिकर ने कहा कि इस दिशा में एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

रक्षा मंत्री के मुताबिक लीक दस्तावेज में पनडुब्बी के हथियारों और मारक क्षमता से संबंधित कोई जानकारी नहीं है। परिकर ने जानकारी दी थी कि नौसेना इस बात से आश्वस्त है कि इस लीक से कोई खतरा नहीं।

उन्होंने माना कि दस्तावेज लीक तो हुए हैं लेकिन उसमें ऐसा ब्यौरा नहीं जिससे चल रही परियोजना में बदलाव करना पड़े। पहली स्कॉर्पीन पनडुब्बी की निर्माण मझगांव डॉक में चल रहा है जिसे  2017 तक पूरा किए जाने की उम्मीद है।

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