SCO Meeting: राजनाथ सिंह ने कहा- यह युग सभी के लिए सहयोग का, आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों की तय करें जवाबदेह
रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के उनके समक्ष भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने वाले सम्मेलन में भाग लेंगे।
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शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में शुक्रवार को भारत ने आतंकवाद और संप्रभुता के मुद्दे पर चीन व पाकिस्तान की घेराबंदी की। भारत ने साफ कहा कि हर तरह के आतंकवाद को खत्म करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने और उसे पालने-पोसने और समर्थन देने वालों की जवाबदेही तय करने की जरूरत है। एससीओ सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ ने चीनी रक्षा मंत्री ली शांगफू की मौजूदगी में कहा कि किसी भी तरह के आतंकवाद को पालने वाले मानवता के खिलाफ क्रूरतम अपराध के दोषी हैं। अगर एससीओ को मजबूत व विश्वसनीय संगठन बनाना है, तो आतंकवाद का निपटारा इसके मकसद में सबसे ऊपर होना चाहिए।
राजनाथ ने समकालीन चुनौतियों से निपटने के साथ ही समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने बदलते समय के अनुरूप एससीओ को लगातार मजबूत और अधिक जीवंत व लचीला संगठन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, आपसी सहयोग, सद्भाव और सम्मान से क्षेत्र में विकास की नई यात्रा शुरू करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
आतंकवाद से निपटने पर सहमति
रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने बताया, सदस्य देशों के साथ आतंकवाद से निपटने, विभिन्न देशों में कमजोर आबादी की सुरक्षा सहित सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर सहमति बनी। उन्होंने कहा, सदस्य देश सहमत थे कि आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की जानी चाहिए और इसको खत्म किया जाना चाहिए। एससीओ अध्यक्ष के रूप में भारत इस क्षेत्र व पूरे विश्व के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में आगे बढ़कर नेतृत्व करेगा।
सुरक्षा संबंधी चुनौतियां सिर्फ किसी एक देश तक सीमित नहीं
राजनाथ सिंह ने कहा कि बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी के सहयोग की जरूरत है। भारत हमेशा से मिलकर काम करने और साथ मिलकर आगे बढ़ने के सिद्धांत का पालन करता है। सुरक्षा संबंधी चुनौतियां सिर्फ किसी एक देश तक सीमित नहीं है, इसलिए भारत साझे हितों को ध्यान में रखते हुए रक्षा साझेदारी के क्षेत्र में सामूहिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रत्येक युग चेतना का युग होता है और वर्तमान युग ‘बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी के सहयोग’ का युग है। सामूहिक समृद्धि सुनिश्चित करने की अवधारणा पर अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए सिंह ने एससीओ सदस्य देशों की ओर से ठोस प्रयासों का आह्वान किया, ताकि बहुपक्षीय दुनिया में असीम संभावनाओं वाला यह क्षेत्र ‘कुल परिणाम शून्य होगा और कोई भी जीत या हार की स्थिति में नहीं होगा’ से ‘सभी पक्षों के लिए लाभ की स्थिति होगी’ की मानसिकता में बदल सके।
सम्मेलन में रूस के रक्षा मंत्री जनरल सर्गेई शोइगू ने कहा कि अपना वैश्विक प्रभुत्व बनाए रखने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों ने वैश्विक सुरक्षा ढांचे को गंभीर रूप से नष्ट कर दिया है।
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज की दुनिया का एक बड़ा हिस्सा खाद्य संकट से जूझ रहा है। उन्होंने एससीओ सदस्य देशों से एकीकृत योजना के तहत खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह एससीओ को पूरी दुनिया के लिए एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित करेगा। जलवायु परिवर्तन के मुद्दों से निपटने के लिए उन्होंने न्यूनीकरण और अनुकूलन को प्राथमिकता देते हुए एक साझी रणनीति के लिए काम करने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा साझी रणनीति का हिस्सा होनी चाहिए।
भारत सीमा पर हालात सामान्य तौर पर स्थिर : चीन
चीन के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति ‘सामान्य तौर पर स्थिर’ है। साथ ही कहा कि दोनों पक्षों को सीमा मुद्दे को ‘उपयुक्त स्थिति’ में रखना चाहिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष ली शांगफू से बृहस्पतिवार को दोटूक कहा था कि भारत और चीन के मौजूदा समझौतों के उल्लंघन ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के पूरे आधार को खत्म कर दिया है। दोनों देशों के संबंध तभी बेहतर हो सकते हैं जब सीमा पर शांति और सौहार्द व्यापक तौर पर कायम रहे। सिंह के इस बयान के बाद चीन की ओर से टिप्पणी आई है।
चीनी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नई दिल्ली में बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने सेनाओं और द्विपक्षीय संबंधों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। बैठक में चीनी रक्षा मंत्री ली ने कहा कि वर्तमान में चीन-भारत सीमा पर स्थिति सामान्य तौर पर स्थिर है और दोनों पक्षों ने सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से संवाद बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और द्विपक्षीय संबंधों में सीमा मुद्दे को उचित स्थिति में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीद है, दोनों पक्ष दोनों सेनाओं के बीच आपसी विश्वास को लगातार बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों के विकास में उचित योगदान देने के लिए मिलकर काम करेंगे।
राजनाथ ने कजाखस्तान, ताजिकिस्तानी रक्षा मंत्रियों संग रक्षा सहयोग पर की वार्ता
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक के मौके पर कजाखस्तान और ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षी बैठकें कीं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कजाखस्तान के रक्षा मंत्री कर्नल जनरल रुसलान झाक्सिल्यकोव और ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री कर्नल जनरल शेराली मिर्जो के साथ विचार-विमर्श के दौरान दोनों देशों के साथ भारत के रक्षा सहयोग की विस्तृत शृंखला की समीक्षा की गई। इस दौरान पारस्परिक रूप से लाभप्रद सहयोग का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में आपसी हित के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
सर्गेई शोइगू से मिले राजनाथ सिंह
इस बीच राजनाथ सिंह ने अपने रूसी समकक्ष जनरल सर्गेई शोइगू के साथ शुक्रवार को द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। यह बैठक शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों के एक सम्मेलन के मौके पर हुई, जिसकी मेजबानी भारत ने राष्ट्रीय राजधानी में की। अधिकारियों ने कहा कि सिंह और शोइगु ने द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। रक्षा मंत्री ने अपने उज्बेक समकक्ष लेफ्टिनेंट जनरल कुर्बानोव बखोदिर निजामोविच के साथ एक अलग द्विपक्षीय बैठक भी की।