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सियासत: सैटकॉम स्पेक्ट्रम आवंटन पर सिंधिया-रमेश में ठनी, 2जी मामले से जोड़ने पर जुबानी तकरार बढ़ी

Tue, 17 Dec 2024 10:51 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 17 Dec 2024 10:51 PM IST
सार

सैटकॉम स्पेक्ट्रम आवंटन मामले को 2जी मामले से जोड़ने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया और जयराम रमेश के बीच जुबानी तकरार तेज हो गई है। एक तरफ सिंधिया ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि देश 2जी घोटाले को नहीं भूल सकता। तो वहीं कांग्रेस नेता ने स्पेक्ट्रम आवंटन के प्रक्रिया पर सवाल उठाया था।

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Scindia-Ramesh clashed over Satcom spectrum allocation, verbal spat escalated over linking it to 2G case
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस नेता जयराम रमेश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सैटेलाइट कंपनियों के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया को यूपीए कार्यकाल के दौरान 2जी मामले से जोड़ने पर केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस नेता जयराम रमेश के बीच ठन गई। स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया को मौजूदा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी है।
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देश 2जी घोटाले को नहीं भूल सकता- सिंधिया
सिंधिया ने कहा कि देश 2जी घोटाले को नहीं भूल सकता। यह देश के इतिहास पर एक धब्बा है। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री सिंधिया ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, घोटाला की वजह से न केवल सरकारी खजाने को 1,76,645 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ, बल्कि क्रोनी पूंजीवाद को भी बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि यूपीए युग में स्पेक्ट्रम को अपारदर्शी एफसीएफएस (पहले आओ, पहले पाओ) नीति के माध्यम से आवंटित किया गया था।इससे देश को काफी नुकसान पहुंचा।
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मोदी सरकार की पारदर्शिता को देती है प्राथमिकता- सिंधिया
सिंधिया ने कहा, मोदी सरकार पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देती है। वर्तमान सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रिया से नीलामी के बिना सैटेलाइट संचार कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन को मंजूरी देने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि टेलीकॉम ऑपरेटरों ने रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने सैटकॉम खिलाड़ियों को स्पेक्ट्रम के प्रशासनिक आवंटन का विरोध किया है, जहां एलन मस्क की स्टारलिंक भी भारत में सेवाएं शुरू करने की दौड़ में है।
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जयराम रमेश ने प्रक्रिया पर उठाए थे सवाल
इसके पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने संसद में पूछे गए प्रश्न पर सरकार के जवाब की कॉपी साझा करते हुए स्पेक्ट्रम आवंटन के एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा, था मोदी सरकार ने कई वर्गों की मांग के बावजूद, बिना नीलामी के, सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए प्रशासनिक तरीके से स्पेक्ट्रम आवंटित करने का फैसला किया है। ये नीलामी पीएम मोदी की उस बात के उलट है, जिसका वे दावा करते रहे हैं।
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