पहल: अब आरएफआईडी से ट्रैक होंगी स्कूल बसें, परिजनों को मिलेगी पल-पल की रिपोर्ट; तैयारी में भारतीय मानक ब्यूरो
देशभर में स्कूल बसों में आरएफआईडी टैग, जीपीएस और कैमरे लगाकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। बीआईएस आईओटी आधारित मॉडल तैयार कर रहा है, जिससे माता-पिता और स्कूल प्रशासन बस की रियल-टाइम लोकेशन देख सकेंगे। यह पहल 24.8 करोड़ छात्रों की सुरक्षा के लिए की जा रही है।
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अब जल्द ही देशभर में आरएफआईडी से स्कूल बसों को ट्रैक किया जाएगा। इससे माता-पिता को बच्चों स्कूल पहुंचने व घर वापसी तक पल-पल की जानकारी मिलेगी। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) एक इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित मॉडल तैयार कर रहा है। इससे माता-पिता और स्कूल प्रशासन बच्चों की बस को हर पल ट्रैक कर सकेंगे।
परियोजना उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की देखरेख में चल रही है। देश के 1.47 लाख स्कूलों में पढ़ने वाले 24.8 करोड़ छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह पहल की जा रही है। स्कूल बसों में आरएफआईडी टैग, जीपीएस, जीएसएम मॉड्यूल और कैमरे लगाए जाएंगे। इससे बच्चों की आवाजाही का पूरा रिकॉर्ड रहेगा।
दरअसल, अमेरिका, चीन और सिंगापुर की तर्ज पर भारत भी अब स्कूल बसों के लिए आरएफआईडी आधारित ट्रैकिंग प्रणाली विकसित करने की तैयारी कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और साइबर कानून विशेषज्ञ पवन दुग्गल ने हालांकि चिंता जताई है कि यह प्रणाली बच्चों के लोकेशन डाटा से जुड़ी होगी जिसका गलत हाथों में जाने पर दुरुपयोग हो सकता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी सेवा प्रदाताओं को डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 और आईटी नियम 2021 के तहत आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें डाटा सुरक्षा के मजबूत प्रावधान का होना बहुत जरूर है, इसके बिना यह योजना जोखिमपूर्ण साबित हो सकती है।