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स्वच्छ भारत मिशन में घपला: पक्के घर, कार और बंदूक वालों को दे दी शौचालय की रकम  

Fri, 06 Jul 2018 04:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली Updated Fri, 06 Jul 2018 04:51 AM IST
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scam in swachh bharat abhiyan, toilet allotted to well established peoples

रामनगर ब्लॉक में लाइसेंसी बंदूक, दो मंजिला पक्का मकान और कार वालों को भी शौचालय निर्माण के लिए सरकारी खजाने से रकम देने का घपला सामने आया है। स्वच्छ भारत मिशन में सिर्फ गरीबों और असहायों को ही शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये के हिसाब से रकम देने का प्रावधान है। शौचालय की रकम में गोलमाल उजागर होने के बाद से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने घोटाले की जांच जिला विकास अधिकारी को सौंप दी है। 

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स्वच्छ भारत मिशन में रामनगर ब्लॉक के गांव रंपुरा भोपतनगर में करीब तीन सौ लाभार्थियों को 36 लाख रुपये दिए गए हैं। लाभार्थियों के चयन में बड़े पैमाने पर घपला किया गया है। जिन लोगों को शौचालय बनाने के लिए सरकारी खजाने से रकम दी गई है, उनमें से ज्यादातर साधन संपन्न हैं। उनके पास दो मंजिला पक्के मकान, ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और लाइसेंसी असलहे तक हैं। इसके बावजूद आंख मूंदकर इन लोगों को शौचालय बनाने के लिए रकम जारी कर दी गई। 
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लाभार्थियों की पूरी लिस्ट पर ही उठ रहे सवाल 
स्वच्छ भारत मिशन के तहत रंपुरा भोपतपुर में लाभार्थियों की जो सूची बनाई गई है, उसमें घपले ही घपले ही हैं। सूची में शौचालय निर्माण के लिए रकम लेने वाले तमाम लोगों का ब्योरा दिया गया है। इनमें एक लाभार्थी के बारे में बताया गया है कि उसके पास बंदूक का लाइसेंस है और उसके पिता क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति हैं, जिनके घर में वर्ष 2015 में पूर्व प्रधान प्यारे खां के समय ही शौचालय बनवाया जा चुका है।
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इसी तरह प्रधान की एक सगे रिश्तेदार हैं, जिनका पूर्व में शौचालय बन चुका है, फिर भी शौचालय की रकम दे दी गई है। इतना ही नहीं एक पूर्व प्रधान के पुत्र को भी शौचालय की रकम दी गई है, जबकि उसके पास दो मकान हैं और उनमें पहले से ही शौचालय बने हुए हैं। 

साक्ष्य के तौर पर सीडीओ के पास फोटोग्राफ भी पहुंचे 
शौचालय निर्माण में घपले से संबंधित तथ्य को पुष्ट करने के लिए सीडीओ सत्येंद्र कुमार के पास साक्ष्य के तौर पर फोटोग्राफ भी पहुंचे हैं। इनमें दो मंजिला भवनों और धनाढ्य लोगों को शौचालय बनाने को रकम देने की तस्वीरें हैं। इससे इस मामले में प्रथम दृष्टया लाखों के घोटाले की सच्चाई भी उजागर हो रही है। बहरहाल अधिकारी जांच से पहले कुछ कहने से मना कर रहे हैं। 


रंपुरा भोपतनगर में अपात्रों को शौचालय देने का मामले सामने आया है। सीडीओ ने इसकी जांच मुझे सौंपी है। मैंने एआर कोऑपरेटिव को शामिल करते हुए जांच टीम बना ली है। - शिवकुमार, जिला विकास अधिकारी

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