सुप्रीम कोर्ट से राहत, दिवालिया कंपनी के नए प्रबंधन पर नहीं चलेंगे पुराने मुकदमे
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शीर्ष कोर्ट के इस फैसले से बड़ी दिवालिया कंपनियों से संबंधित मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा। किसी दिवालिया कंपनी के बिक जाने के बाद उस पर और उसकी संपत्तियों के खिलाफ कोई आपराधिक केस नहीं चलाया जा सकेगा। अलबत्ता पुराने प्रबंधन पर मुकदमा चलाया जा सकेगा।
चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज
दिवालिया कंपनी के नए प्रबंधन को संरक्षण देने वाले नियमों को बरकरार रखने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दीं और दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के प्रावधानों में संसद में किए गए संशोधनों को उचित करार दिया। न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि विधायिका के द्वारा बनाए गए किसी कानून को चुनौती देने के लिए ‘दुर्भावना’ कोई आधार नहीं है। शीर्ष न्यायालय ने याचिका दायर करने वालों की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि रियल एस्टेट उद्योग के दबाव में आकर संसद ने आईबीसी के प्रावधानों में बदलाव किया है।
Supreme Court today upheld laws that protect new owners of insolvent companies from the charges filed against the previous management.
— ANI (@ANI) January 19, 2021
इस फैसले से दिवालिया कंपनियों को खरीदने के इच्छुक निवेशकों को संरक्षण मिल सकेगा। बता दें कोरोना महामारी के कारण देश में दिवालिया हो चुकी कंपनियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कई कारोबार ठप होने से ऐसी कंपनियां नए निवेशकों की तलाश में हैं।