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SC: पटना हाईकोर्ट के जज को पदोन्नति के बाद 10 महीने से नहीं मिला वेतन, अब याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

Tue, 27 Aug 2024 09:57 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 27 Aug 2024 09:57 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पटना हाई कोर्ट के जज जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा के एक अजीबोगरीब मामले की सुनवाई के लिए सहमति जताई, जिन्हें 10 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है, क्योंकि उनके पास जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) अकाउंट नहीं है।

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SC to hear Patna HC judge's plea over salary stuck for 10 months
Supreme Court - फोटो : PTI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट पटना हाईकोर्ट के जज जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करेगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा और पूर्व हाई कोर्ट जजों की पेंशन और वेतन से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर भी नोटिस जारी किए। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जे बी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की बेंच ने मामले की सुनवाई बाद में करने का इरादा किया था, लेकिन हाई कोर्ट जज के वकील की तरफ से मुद्दा उठाए जाने के बाद बेंच ने पहले की तारीख तय कर दी।
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बिहार सरकार ने दिया नई पेंशन स्कीम का हवाला
मामले में सीजेआई ने कहा, शुक्रवार को इस पर सुनवाई करें। उन्होंने उनके मामले को याचिकाओं के समूह से अलग करने का आदेश दिया। बेंच में एमिकस क्यूरी के तौर पर मदद कर रहे सीनियर एडवोकेट के परमेश्वर ने कहा कि हाई कोर्ट के जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा को वेतन नहीं मिल रहा है, क्योंकि बिहार सरकार का कहना है कि उसने नई पेंशन स्कीम शुरू की है।
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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-राज्य को जारी किया नोटिस
परमेश्वर ने कहा, यह पूरा मामला न्यायिक अधिकारियों के लिए 'वन रैंक वन पेंशन' और राज्यों की तरफ से पुरानी पेंशन योजनाओं और नई पेंशन योजनाओं में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की पेंशन से संबंधित एक अन्य मामले से संबंधित है। सीजेआई ने कहा, एक ही कैडर के न्यायाधीशों की पेंशन में अंतर नहीं हो सकता। इससे पहले 12 जनवरी को पीठ ने न्यायमूर्ति मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई थी, जिन्हें 4 नवंबर, 2023 को जिला न्यायपालिका से उच्च न्यायालय में पदोन्नत किया गया था। उन्होंने सामान्य भविष्य निधि खाता खोलने और उनका वेतन जारी करने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की थी। इसके बाद पीठ ने केंद्र और बिहार सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा था।
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पदोन्नति के बाद से रुका है न्यायमूर्ति का वेतन
न्यायमूर्ति रुद्र प्रकाश मिश्रा के वकील ने पीठ से याचिकाकर्ता का अस्थायी जीपीएफ खाता खोलने के लिए अंतरिम आदेश पारित करने का आग्रह किया था। पीठ ने कहा था कि वह दो सप्ताह बाद मामले की सुनवाई करेगी। अधिवक्ता प्रेम प्रकाश के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है, याचिकाकर्ता पटना, बिहार उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश हैं, जिन्हें राज्य की उच्च न्यायिक सेवा से उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया है और वे अपने जीपीएफ खाते को खोलने, वेतन जारी करने आदि के लिए इस न्यायालय से अनुग्रह की मांग कर रहे हैं।


न्यायमूर्ति को जीपीएफ खाता नहीं किया गया आवंटित
याचिका में कहा गया है कि रुद्र प्रकाश मिश्रा के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने के बाद, संबंधित दस्तावेज जमा करने के बावजूद उन्हें जीपीएफ खाता आवंटित नहीं किया गया। याचिका में कहा गया है, एनपीएस (नई पेंशन योजना) से जीपीएफ (पुरानी पेंशन योजना के तहत सामान्य भविष्य निधि) खाते में स्थानांतरण को लेकर उलझन के कारण जीपीएफ लाभ से वंचित होने की उचित आशंका के तहत, याचिकाकर्ता को अत्यधिक मानसिक और वित्तीय उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए याचिकाकर्ता ने नवंबर 2023 के महीने से अपना वेतन नहीं लेना पसंद किया। अन्य प्रार्थनाओं के अलावा, याचिका में सर्वोच्च न्यायालय से यह घोषित करने की मांग की गई है कि याचिकाकर्ता उच्च न्यायालय न्यायाधीश (वेतन और सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1954 की धारा 20 के अनुसार जीपीएफ खाते में राशि जमा करने का हकदार है।

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