साबरमती आश्रम परियोजना: तुषार गांधी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, अगले हफ्ते होगी सुनवाई
गुजरात पर्यटन निगम साबरमती आश्रम के पुनर्विकास के लिए एक परियोजना चला रहा है। इसी संबंध में तुषार गांधी ने याचिका दायर की है।
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अहमदाबाद में साबरमती आश्रम परियोजना के पुनर्विकास के गुजरात सरकार के फैसले के खिलाफ अपनी याचिका को खारिज करने के गुजरात हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति सी टी रविकुमार की पीठ ने शुक्रवार को मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने गुजरात सरकार के संकल्प पर सवाल उठाते हुए मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की। गुजरात पर्यटन निगम साबरमती आश्रम के पुनर्विकास के लिए एक परियोजना चला रहा है।
अगले हफ्ते होगी सुनवाई
इंदिरा जयसिंह ने कहा कि निर्माण चल रहा है। मैं वर्चुअल कॉन्फ्रेंस की मांग करती हूं। इस पर पीठ ने कहा, आभासी सुनवाई के दिन सूचीबद्ध करें। तुषार गांधी ने साबरमती आश्रम पुनर्विकास परियोजना के खिलाफ अपनी याचिका को खारिज करने के गुजरात हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया है, क्योंकि राज्य सरकार ने आश्वासन दिया था कि वह मुख्य आश्रम के एक एकड़ क्षेत्र में तीन प्रमुख आकर्षणों को नहीं छूएगी। हाई कोर्ट ने कहा था कि सरकार ने आश्वासन दिया है एक एकड़ क्षेत्र में बने मौजूदा आश्रम को छेड़ा नहीं जाएगा और इसे यथावत बनाए रखा जाएगा। इस तरह याचिकाकर्ता के सभी डर और आशंकाएं निराधार हैं।
1,200 करोड़ रुपये की गांधी आश्रम स्मारक और सीमा विकास परियोजना राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आश्रम के विकास के लिए शुरू की गई है, जहां महात्मा गांधी 1917 से 1930 तक रहते थे। यह परियोजना विरासत भवनों को एक साथ लाकर और परिवेश को बहाल करके मौजूदा पांच एकड़ से बढ़ाकर 55 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी।