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Ishrat Case: इशरत जहां केस की जांच करने वाले अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, बर्खास्तगी पर एक हफ्ते की रोक
Mon, 19 Sep 2022 05:14 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 19 Sep 2022 05:14 PM IST
सार
सतीश चंद्र वर्मा शीर्ष अदालत में चले गए थे जब हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय को उनके खिलाफ विभागीय जांच के मद्देनजर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति दी थी।
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इशरत जहां
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में इशरत जहां के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले की जांच में सीबीआई की सहायता करने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सतीश चंद्र वर्मा को बर्खास्त करने के केंद्र के फैसले पर सोमवार को एक सप्ताह के लिए रोक लगा दी। वर्मा को 30 सितंबर को उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति से एक महीने पहले 30 अगस्त को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
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न्यायमूर्ति के एम जोसेफ और हृषिकेश रॉय की पीठ ने वर्मा को उनकी बर्खास्तगी को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की अनुमति दी और कहा कि यह हाई कोर्ट में सुनवाई योग्य है कि बर्खास्तगी आदेश पर स्थगन दिया जाए या आदेश लागू रहेगा। पीठ ने कहा कि हमारा विचार है कि इस मामले के तथ्यों में न्याय के हित में यह आवश्यक होगा कि आदेश को आज से एक सप्ताह तक लागू नहीं किया जाना चाहिए।
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सतीश चंद्र वर्मा शीर्ष अदालत में चले गए थे जब हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय को उनके खिलाफ विभागीय जांच के मद्देनजर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति दी थी। जब वह नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन, शिलांग के मुख्य सतर्कता अधिकारी थे तब उनके खिलाफ आरोप साबित हुए थे, जिसमें सार्वजनिक मीडिया के साथ बातचीत भी शामिल थी। वर्मा ने अप्रैल 2010 और अक्टूबर 2011 के बीच 2004 के इशरत जहां मामले की जांच की थी। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर एक विशेष जांच दल ने कहा था कि मुठभेड़ फर्जी थी।
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