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Supreme Court: हिंसाग्रस्त क्षेत्र छोड़ने वालों के लिए फ्री उपचार की मांग,अदालत ने मणिपुर सरकार से मांगा जवाब

Fri, 18 Aug 2023 10:18 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 18 Aug 2023 10:18 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मणिपुर के जातीय संघर्षग्रस्त इलाकों से को छोड़कर जाने वालों को मुफ्त चिकित्सा उपचार देने की मांग वाली याचिका पर मणिपुर सरकार से जवाब मांगा है।
 

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SC seeks Manipur govt response on plea for free medical treatment for those fleeing strife torn areas
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मणिपुर में जातीय हिंसा ने बड़ी संख्या में लोगों को बेघर कर दिया। बहुत से लोग अपने परिचित के यहां चले गए वहीं कुछ सरकार द्वारा बनाए गए शिविरों में रह रहे हैं। वहीं अब सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मणिपुर के जातीय संघर्षग्रस्त इलाकों से को छोड़कर जाने वालों को मुफ्त चिकित्सा उपचार देने की मांग वाली याचिका पर मणिपुर सरकार से जवाब मांगा है।

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कुकी समुदाय की दो महिलाओं ने यह याचिका दाखिल की है। जिस पर मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने सुनवाई की। पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए इस याचिका को मणिपुर हिंसा पर लंबित अन्य याचिकाओं के साथ टैग करने का आदेश दिया। 
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दोनों कुकी महिलाओं की याचिका में मणिपुर के मूल निवासियों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए दावा किया गया है कि उन्हें पलायन करने के लिए मजबूर किया गया है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी तरह कई अन्य लोगों को बुनियादी मानवाधिकारों और जीवन के अधिकार से वंचित किया गया है। तीन मई को राज्य में पहली बार जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 160 से अधिक लोग मारे गए हैं और कई सौ घायल हुए हैं। 
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माकपा नेता बृंदा करात ने मणिपुर दौरे के बाद राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
 माकपा नेता बृंदा करात ने मणिपुर की तीन दिवसीय यात्रा के बाद शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने राहत शिविरों की बदहाल स्थिति, सरकार में लोगों के विश्वास की कमी और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी जैसे मुद्दों का जिक्र किया है।

अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ (एआईडीडब्ल्यूए) के एक प्रतिनिधिमंडल ने 9-11 अगस्त तक संघर्षग्रस्त राज्य का दौरा किया और दंगा प्रभावित लोगों से मुलाकात की। अपने ज्ञापन में एआईडीडब्ल्यूए ने महिलाओं की असुरक्षा और निराशा की गहरी भावना का भी उल्लेख किया है।

मुंबई पुलिस नहीं उड़ा सकेंगे ड्रोन, ग्लाइडर 
मुंबई पुलिस ने 16 सितंबर तक शहर के हवाई क्षेत्र में ड्रोन, रिमोट-नियंत्रित माइक्रो लाइट विमान, पैराग्लाइडर, पैरा मोटर्स, हैंड ग्लाइडर और गर्म हवा के गुब्बारे की उड़ान पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। इसकी जानकारी एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी। उन्होंने कहा कि गुरुवार को जारी निषेधाज्ञा के अनुसार, उल्लंघन करने वालों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत आरोप लगाए जाएंगे।


अधिकारी ने कहा कि यह आदेश इस संभावना के मद्देनजर जारी किया गया था कि इन वस्तुओं का इस्तेमाल वीवीआईपी को निशाना बनाने, बड़े पैमाने पर लोगों के जीवन को खतरे में डालने, सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने और बृहन्मुंबई पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में कानून व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए किया जा सकता है।

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