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मीडिया में दुष्प्रचार करने की बजाय याचिका की खामियां दुरुस्त करें याचिकाकर्ता: सुप्रीम कोर्ट
Fri, 15 Feb 2019 09:01 PM IST
Nilesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Fri, 15 Feb 2019 09:01 PM IST
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राफेल विमान सौदे पर फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने वालों को लताड़ देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब तक याचिका को लेकर रजिस्ट्री द्वारा बताई गई खामियां दुरूस्त नहीं की गई है, लेकिन याचिकाकर्ता मीडिया में जाकर सुनवाई न होने का दुष्प्रचार कर रहे हैं।
चीफ जस्टिस ने शुक्रवार को रजिस्ट्रार को ओपन कोर्ट में बुलाया था और उनसे उन याचिकाओं को सूचीबद्ध करने केबारे में जानकारी मांगी, जिन मामलों में वकील तत्काल सुनवाई की गुहार लगो रहे थे। रजिस्ट्रार बता रहे थे कि उन मामलों को अब तक सूचीबद्ध क्यों नहीं किया गया।
इसी दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगई और न्यायमर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि राफेल मामले में स्पष्टीकरण, बदलाव और पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई हैं और ये याचिकाएं पिछले एक महीने से रजिस्ट्री में पड़ी हुई है। रजिस्ट्री में इन याचिकाओं में कुछ खामियां बताई है।
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एक महीना बीत जाने के बाद भी याचिकाकर्ता खामिंयां दूर करने की जहमत नहीं उठा रहे हैं लेकिन मीडिया में जाकर दुष्प्रचार कर रहे हैं कि याचिका पर सुनवाई नहीं हो रही है। साथ ही चीफ जस्टिस ने कहा कि दूसरा पक्ष भी कुछ खास भोला-भाला नहीं है।
मालूम हो कि गत वर्ष 14 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा व अरूण शौरी और वकील प्रशांत भूषण द्वारा राफेल सौद की जांच की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दी थी। जिसके बाद एक जनवरी को तीनों ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी। इन लोगों ने दावा किया है कि आदेश में तथ्यात्मक और कानूनी गलतियां हैं।
तीनों ने यह भी दावा कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए गलत तथ्यों केआधार पर फैसला दिया है। वहीं 15 दिसंबर को केंद्र सरकार ने आवेदन दाखिल कर फैसले में सुधार करने की गुहार की थी। सरकार का कहना था कि व्याकरण की अशुद्धियां हैं, जिस कारण भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
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चीफ जस्टिस ने शुक्रवार को रजिस्ट्रार को ओपन कोर्ट में बुलाया था और उनसे उन याचिकाओं को सूचीबद्ध करने केबारे में जानकारी मांगी, जिन मामलों में वकील तत्काल सुनवाई की गुहार लगो रहे थे। रजिस्ट्रार बता रहे थे कि उन मामलों को अब तक सूचीबद्ध क्यों नहीं किया गया।
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इसी दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगई और न्यायमर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि राफेल मामले में स्पष्टीकरण, बदलाव और पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई हैं और ये याचिकाएं पिछले एक महीने से रजिस्ट्री में पड़ी हुई है। रजिस्ट्री में इन याचिकाओं में कुछ खामियां बताई है।
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एक महीना बीत जाने के बाद भी याचिकाकर्ता खामिंयां दूर करने की जहमत नहीं उठा रहे हैं लेकिन मीडिया में जाकर दुष्प्रचार कर रहे हैं कि याचिका पर सुनवाई नहीं हो रही है। साथ ही चीफ जस्टिस ने कहा कि दूसरा पक्ष भी कुछ खास भोला-भाला नहीं है।
मालूम हो कि गत वर्ष 14 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा व अरूण शौरी और वकील प्रशांत भूषण द्वारा राफेल सौद की जांच की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दी थी। जिसके बाद एक जनवरी को तीनों ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी। इन लोगों ने दावा किया है कि आदेश में तथ्यात्मक और कानूनी गलतियां हैं।
तीनों ने यह भी दावा कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए गलत तथ्यों केआधार पर फैसला दिया है। वहीं 15 दिसंबर को केंद्र सरकार ने आवेदन दाखिल कर फैसले में सुधार करने की गुहार की थी। सरकार का कहना था कि व्याकरण की अशुद्धियां हैं, जिस कारण भ्रम की स्थिति बनी हुई है।