{"_id":"61816141a589916f153e6dbf","slug":"sc-refuses-groups-plea-to-visit-gurudwara-nankana-sahib-in-pak-for-guru-nanak-devs-551st-birthday","type":"story","status":"publish","title_hn":"ननकाना साहिब जाने की इजाजत नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, यात्रियों के एक जत्थे ने मांगी थी अनुमति","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ननकाना साहिब जाने की इजाजत नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, यात्रियों के एक जत्थे ने मांगी थी अनुमति
Tue, 02 Nov 2021 09:33 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 02 Nov 2021 09:33 PM IST
सार
याचिकाकर्ता गुरुद्वारा दशमेश दरबार ने 18 अक्तूबर को शीर्ष अदालत में अर्जी दायर कर गृह मंत्रालय के फैसले को चुनौती दी थी। मंत्रालय ने 55 सिख शृद्धालुओं के एक जत्थे को पाकिस्तान जाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ani
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सिख शृद्धालुओं के एक जत्थे की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने गुरुनानक देव की 551 वीं जयंती के मौके पर पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब व अन्य गुरुद्वारों की यात्रा की इजाजत मांगी थी।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता गुरुद्वारा दशमेश दरबार ने 18 अक्तूबर को शीर्ष अदालत में अर्जी दायर कर गृह मंत्रालय के फैसले को चुनौती दी थी। मंत्रालय ने 55 सिख शृद्धालुओं के एक जत्थे को पाकिस्तान जाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। यह जत्था 23 अक्तूबर 2021 से 1 नवंबर 2021 तक या एक नवंबर से 11 नवंबर 2021 के बीच पाकिस्तान स्थित सिख धर्मस्थलों की यात्रा करना चाहता था।
विज्ञापन
गृह मंत्रालय ने कहा था कि कोविड-19 के कारण आवाजाही पर कुछ पाबंदियां हैं। इसके साथ ही मंत्रालय ने यह भी कहा था कि यह जत्था 17 नवंबर से 26 नवंबर 2021 के बीच गुरुपर्व के मौके पर जाने वाले जत्थे में शामिल होकर पाकिस्तान के गुरुद्वारों की यात्रा पर विचार करे और प्रस्ताव को पंजाब सरकार के मार्फत भेजे।
विज्ञापन
केंद्र सरकार के आदेश में दखल देने से इनकार करते हुए जस्टिस एसके कौल व जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने कहा कि कोविड महामारी फैलने के कारण पाकिस्तान जाने वाले यात्रियों पर पाबंदियां लगाई गई हैं। पीठ ने कहा कि इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत क्षेत्राधिकार का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। यह मामला सरकार के प्रशासनिक क्षेत्राधिकार में आता है। याचिकाकर्ता चाहें तो यात्रा के लिए पंजाब सरकार के चैनल के माध्यम से फिर आवेदन कर सकते हैं। सवाल यात्रा की इजाजत देने का नहीं बल्कि निश्चित समय में तय प्रक्रिया से इजाजत लेने का है।