{"_id":"5a7899624f1c1b805a8b82a9","slug":"sc-independent-to-choose-life-partner-and-living-place-by-adult-female","type":"story","status":"publish","title_hn":"SC: वयस्क महिला जीवनसाथी और जीवन यापन की जगह चुनने को स्वतंत्र","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
SC: वयस्क महिला जीवनसाथी और जीवन यापन की जगह चुनने को स्वतंत्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Feb 2018 02:58 AM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक फैसले में कहा कि वयस्क महिला यह निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं कि वह कहां और किसके साथ रहना चाहती हैं। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने एक महिला दयावंती को उसकी बहन और भाई से बातचीत के बाद बुलाया था।
विज्ञापन
भाई और बहन ने आरोप लगाया था कि दयावंती का अपहरण कर लिया गया और उसे हरियाणा के एक गांव में एक व्यक्ति के साथ रहने को मजबूर किया गया। पीठ के सामने पेश हुई दयावंती ने कहा कि वह अपने पार्टनर जगदीश के साथ स्वेच्छा से रह रही थी और अपने नए घर में ही रहना चाहती हैं।
विज्ञापन
उसके भाई और बहन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्विस ने आरोप लगाया कि दयावंती को अगवा कर लिया गया था और उसे गुजरात में कई जगहों पर रखा गया। अब उसे उस व्यक्ति के साथ रहने को मजबूर किया जा रहा है।
विज्ञापन
पीठ ने कहा कि 9 जनवरी 2018 के हमारे आदेश के बाद दयावंती को पेश किया गया। वह जगदीश के साथ ही रहना चाहती हैं और उसने यह भी कहा कि वह मजबूरी में नहीं बल्कि अपनी इच्छा से यह सब कह रही हैं। ऐसे में इस याचिका पर सुनवाई का कोई महत्व नहीं है और इसका निपटारा किया जाता है।