फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC grants 4 more weeks to Centre on plea seeking assessment of carrying capacity of Himalayan Region

Supreme Court: हिमालयी क्षेत्र की वहन क्षमता संबंधी याचिका पर सुनवाई, कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

Mon, 10 Jul 2023 06:07 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Mon, 10 Jul 2023 06:07 PM IST
सार

याचिका के कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश में धौलाधार सर्किट, सतलुज सर्किट, बीस सर्किट और ट्राइबल सर्किट में फैले लगभग सभी हिल स्टेशन, तीर्थ स्थान और अन्य पर्यटन स्थल पर भी काफी बोझ बढ़ गया है और यह सभी ढहने की कगार पर हैं।

विज्ञापन
SC grants 4 more weeks to Centre on plea seeking assessment of carrying capacity of Himalayan Region
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले भारतीय हिमालयी क्षेत्र की वहन क्षमता और मास्टर प्लान के आकलन की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने केंद्र को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्तों का और समय दिया है। याचिका अशोक कुमार राघव ने दायर की थी। याचिका में भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए तैयार की गई वहन क्षमता और मास्टर प्लान के आकलन की मांग की गई थी।
विज्ञापन


इससे पहले मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने इस साल 17 फरवरी को सरकार को नोटिस जारी किया था। इस पर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा था।
विज्ञापन


भूस्खलन और जमीन धंसने का खतरा
अधिवक्ता आकाश वशिष्ठ के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि बढ़ती वहन क्षमता के कारण जोशीमठ में भूस्खलन, भूमि धंसाव, भूमि दरकने और धंसने जैसे गंभीर भूवैज्ञानिक खतरे देखे जा रहे हैं। इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में गंभीर पारिस्थितिक और पर्यावरणीय नुकसान देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहन क्षमता का नहीं किया गया आकलन
याचिका के कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश में धौलाधार सर्किट, सतलुज सर्किट, बीस सर्किट और ट्राइबल सर्किट में फैले लगभग सभी हिल स्टेशन, तीर्थ स्थान और अन्य पर्यटन स्थल पर भी काफी बोझ बढ़ गया है और यह सभी ढहने की कगार पर हैं। इतना ही नहीं इनमें से किसी की भी स्थान की वहन क्षमता का आकलन नहीं किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed