सुप्रीम कोर्ट से अर्नब को राहत, पूछा- महाराष्ट्र विधानसभा सचिव को क्यों नहीं जारी करना चाहिए नोटिस
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उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को अर्नब गोस्वामी मामले की सुनवाई की। अदालत ने पूछा कि रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक की गिरफ्तारी के संबंध में महाराष्ट्र विधानसभा सचिव के खिलाफ अदालत की अवमानना का कारण बताओ नोटिस क्यों नहीं जारी किया जाना चाहिए। याचिका में अर्नब गोस्वामी ने महाराष्ट्र विधानसभा सचिव द्वारा उन्हें नोटिस जारी किए जाने को चुनौती दी है।
A bench headed by CJI SA Bobde also said that petitioner Arnab Goswami can't be arrested till further hearing in privilege notice issued against his case.
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Maharashtra Assembly Secretary had issued a privilege notice against Arnab for criticising Maharashtra CM Uddhav Thackeray https://t.co/crGGEAOJj6— ANI (@ANI) November 6, 2020
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अर्नब गोस्वामी को उनके मामले के खिलाफ जारी विशेषाधिकार नोटिस में सुनवाई तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा सचिव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आलोचना करने के लिए अर्नब के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस जारी किया था।