गुजरात सरकार को नहीं बनवाने पड़ेंगे दंगों में क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्थल
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साल 2002 के गुजरात दंगों पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को राहत देते हुए गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश को पलट दिया है जिसमें उसे दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्थलों को दोबारा बनवाने के आदेश दिए गए थे। बता दें दंगों की सुनवाई के दौरान गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि दंगों के दौरान जिन धार्मिक स्थलों को क्षतिग्रस्त किया गया था उन्हें दोबारा बनवाया जाए।
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हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी, जिस पर शीर्ष अदालत ने यह आदेश पारित किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार को किसी धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए पैसा नहीं देना होगा। न ही किसी भी धार्मिक स्थल जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या फिर चर्च के दोबारा निर्माण के लिए मुआवजा राशि जारी की जाएगी।
पहले राज्य सरकार ने बनाई थी ये योजनाSC ws hearing petition filed by Guj Govt challenging order directing it to compensate for damage caused to religious structures during riots
— ANI (@ANI) August 29, 2017
गुजरात सरकार ने हाईकोर्ट के सामने यह योजना बनाई थी कि दंगे के दौरान छतिग्रस्त हुई ऐसी इमारतों को केवल 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में गुजरात सरकार के जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए इस्लामिक रिलीफ कमेटी ऑफ गुजरात को एक मई तक अपना लिखित जवाब देने के लिए कहा था। पीठ ने स्पष्ट किया था कि जवाब में सांप्रदायिकता की बू नहीं आनी चाहिए।