फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC directs gujarat government to compensate religious structure destroyed in 2002 riots

गुजरात सरकार को नहीं बनवाने पड़ेंगे दंगों में क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्थल

Tue, 29 Aug 2017 02:38 PM IST
amarujala.com- Written by: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Written by: अनंत पालीवाल Updated Tue, 29 Aug 2017 02:38 PM IST
विज्ञापन
SC directs gujarat government to compensate religious structure destroyed in 2002 riots

साल 2002 के गुजरात दंगों पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को राहत देते हुए गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश को पलट दिया है जिसमें उसे दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त हुए धार्मिक स्‍थलों को दोबारा बनवाने के आदेश दिए गए थे। बता दें दंगों की सुनवाई के दौरान गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि दंगों के दौरान जिन धार्मिक स्‍थलों को क्षतिग्रस्त किया गया था उन्हें दोबारा बनवाया जाए।

विज्ञापन


पढ़ें- 2002 का गुजरात दंगा मुस्लिम विरोधी नहीं: NCERT

विज्ञापन


हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी, जिस पर शीर्ष अदालत ने यह आदेश पारित किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार को किसी धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए पैसा नहीं देना होगा। न ही किसी भी धार्मिक स्थल जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या फिर चर्च के दोबारा निर्माण के लिए मुआवजा राशि जारी की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन


  पहले राज्य सरकार ने बनाई थी ये योजना
गुजरात सरकार ने हाईकोर्ट के सामने यह योजना बनाई थी कि दंगे के दौरान छतिग्रस्त हुई ऐसी इमारतों को केवल 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में गुजरात सरकार के जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए इस्लामिक रिलीफ कमेटी ऑफ गुजरात को एक मई तक अपना लिखित जवाब देने के लिए कहा था। पीठ ने स्पष्ट किया था कि जवाब में सांप्रदायिकता की बू नहीं आनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed