जैश सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध का विरोध नहीं करेगा सऊदी अरब
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सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदल बिन अहमद अल जुबैर ने कहा कि उनका देश संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने की भारत की प्रयासों का विरोध नहीं करेगा। यूएन को आतंकवादी या आतंकवाद का समर्थन और बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद दौरे पर पाकिस्तान और सऊदी अरब के संयुक्त बयान का अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के भारत के प्रयासों से कुछ संबंध नहीं था। गौरतलब है कि सोमवार को सऊदी अरब ने संयुक्त बयान में यूएन सूचीबद्ध व्यवस्था का राजनीतिकरण करने से बचने का आह्वान किया था।
जुबैर ने बुधवार को कहा कि सऊदी अरब आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का पालन करता है। आतंकवाद का समर्थन और उसका वित्त पोषण करने वालों को दंडित किया जाना चाहिए। विचार यह सुनिश्चित करना था कि यूएन की व्यवस्था का राजनीतिकरण न हो ताकि कोई भी अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इसका इस्तेमाल न कर सके। मुझे लगता है कि लोगों का मानना है कि संयुक्त बयान विशेषतौैर पर अजहर को लेकर दिया गया था, लेकिन ऐसा नहीं है। हमारा इरादा प्रक्रिया के स्पष्ट और गैर राजनीतिक बनाने का था।
पुलवामा के गुनहगारों को सजा मिलना जरूरी
सऊदी के विदेश मंत्री ने कहा कि पुलवामा हमले के गुनहगारों को सजा मिलना बेहद जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय यही चाहता है, पाकिस्तान और भारत भी यही चाहते हैं। सऊदी प्रिंस की यात्रा के दौरान पाकिस्तान ने मामले की जांच का भरोसा दिया है। आतंकियों पर कार्रवाई के लिए पाकिस्तान पर ज्यादा दबाव बनाने की जरूरत पर जुबैर ने कहा कि देशों को चरमपंथियों और आतंकियों को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
भारत-पाक बातचीत से मसले सुलझाएं, मध्यस्थता से इनकार
पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर जुबैर ने कहा कि हमारा मानना है कि दोनों देशों को शांति से मुद्दों को हल कर सकते हैं। दोनों देशों में बुद्धिमान नेतृत्व है। मुझे भरोसा है कि दोनों देश तनाव कम करने का रास्ता खोजने में कामयाब रहेंगे। मध्यस्थता के सवाल पर उन्होंने कहा कि बिना बुलावे के हम खुद को भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव में नहीं धकेलेंगे। हमारे दोनों देशों से अच्छे संबंध हैं। अगर दोनों देशों को लगता है कि हम अहम भूमिका निभा सकते हैं, तो हम विचार करेंगे। कोई नहीं चाहता कि परमाणु संपन्न देशों के बीच युद्ध हो क्योंकि इसका फायदा आतंकियों को होगा।
भारत का हज कोटा 2 लाख तक बढ़ा
सऊदी अरब ने बुधवार को भारत का हज कोटा 25,000 तक बढ़ा दिया। अब भारत से 2 लाख जायरीन हज कर सकते हैं। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के बाद यह घोषणा की गई।