केंद्रीय मंत्री ने कहा- आतंकवाद, अपराध का निदान केवल वेदों के विचार से होगा
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह का कहना है कि मैं ऐसे भारत की कल्पना करता हूं जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री पद की शपथ वेद लेकर करें। उन्होंने गुरुवार को आर्य समाज के चार दिवसीय वैश्विक सम्मेलन में यह बाते कहीं। उन्होंने कहा, 'जब अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेते हैं उनके एक हाथ में बाइबिल होती है और वो उसकी शपथ लेते हैं। मैं सपना देखता हूं जब इस देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री अपने हाथों में वेद लेकर उससे अपने पद की शपथ लेंगे।'
मंत्री सत्य पाल सिंह ने आर्य समाज के अनुयायियों के लिए इस सम्मेलन को महाकुंभ बताया। उन्होंने कहा कि हमें अपने खोए हुए गौरव को वापस पाने के लिए वेदों की तरफ लौटना होगा। सम्मेलन के दौरान हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि चार दिवसीय सम्मेलन में गो कल्याण, किसान हत्या, पर्यावरण संकट और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
इस दौरान केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि वह आरएसएस और आर्यसमाज से करीबी से जुड़े रहे हैं और इन्हीं की शिक्षाओं ने उन्हें जाति और उपजाति छोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यहां मौजूद किसी भी शख्स को मेरी जाति नहीं पता होगी। उन्होंने जाति विहिन समाज बनाने और अंधविश्वास को खत्म करने के लिए आर्य समाज की तारीफ की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आतंकवाद, अपराध जैसी समस्याओं का निदान केवल वेदों के विचार से हो सकता है। उन्होंने कहा, 'जितने भी अपराध, आतंकवाद समस्याएं हैं, उन सबका निदान अगर कोई कर सकता है तो वो वेदों के विचार, ऋषि का ज्ञान ही कर सकते हैं। अगर इस देश के गौरव को पुन: लौटाना है तो हमें पुन: वेदों की तरफ जाना पड़ेगा।'