{"_id":"6a1c4f276b2a49899603ec4a","slug":"santosh-deshmukh-murder-case-heats-up-again-in-beed-case-of-attempted-registered-against-dhananjay-deshmukh-2026-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीड में बड़ा यू-टर्न: पहले धनंजय देशमुख पर दर्ज हुआ हत्या की कोशिश का केस, फिर पुलिस ने शिकायत को बताया झूठा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बीड में बड़ा यू-टर्न: पहले धनंजय देशमुख पर दर्ज हुआ हत्या की कोशिश का केस, फिर पुलिस ने शिकायत को बताया झूठा
Sun, 31 May 2026 08:39 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sun, 31 May 2026 08:39 PM IST
सार
Santosh Deshmukh Murder Case: बीड में संतोष देशमुख के भाई धनंजय देशमुख पर पहले हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया, लेकिन कुछ घंटों बाद पुलिस ने जांच में शिकायत को झूठा बता दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि होटल में विवाद के दौरान धनंजय देशमुख ने उसके सिर पर पिस्तौल तानी थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर दोनों पक्षों की शिकायतों को बेबुनियाद बताया है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
महाराष्ट्र के बीड जिले में चर्चित संतोष देशमुख हत्याकांड से जुड़ा मामला रविवार को पूरे दिन सुर्खियों में बना रहा। पहले मारे गए सरपंच संतोष देशमुख के भाई धनंजय देशमुख के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया। आरोप था कि उन्होंने एक होटल में विवाद के दौरान शिकायतकर्ता के सिर पर पिस्तौल तान दी थी। लेकिन कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने जांच के आधार पर दावा किया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई और मामला झूठा पाया गया।
बीड ग्रामीण पुलिस थाने में बेलवाडी निवासी समाधान खिंदकर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि शनिवार रात वह इंस्टाग्राम पर एक रील मेकर रविराज साबले को लाइव दिखा रहा था। इसी दौरान धनंजय देशमुख के बॉडीगार्ड ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। जब उसने इसका विरोध किया तो धनंजय देशमुख ने कथित तौर पर बॉडीगार्ड की पिस्तौल निकालकर उसके सिर पर तान दी और धमकी दी। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 352 और 351 के तहत मामला दर्ज किया था।
ये भी पढ़ें- India Economy: 'पश्चिम एशिया संकट नहीं, निजी निवेश की कमी'; भारतीय अर्थव्यवस्था पर और क्या बोले सुरजीत भल्ला?
विज्ञापन
पुलिस जांच में आखिर क्या निकला?
एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि जांच में शिकायत के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई, लेकिन उसमें किसी तरह की पिस्तौल दिखाने, मारपीट या संदिग्ध गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने जिस तरह की घटना का दावा किया था, वैसी कोई घटना फुटेज में दिखाई नहीं दी।
क्या दोनों पक्षों की शिकायतें झूठी पाई गईं?
पुलिस ने बताया कि धनंजय देशमुख की ओर से भी समाधान खिंदकर के खिलाफ आपराधिक धमकी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में यह शिकायत भी बेबुनियाद पाई गई। पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर की गई। जांच में दोनों पक्षों के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
धनंजय देशमुख ने आरोपों पर क्या कहा?
धनंजय देशमुख ने शुरुआत से ही सभी आरोपों को खारिज किया था। उनका कहना था कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं। उन्होंने दावा किया कि उनके बॉडीगार्ड ने भी पुलिस को बताया कि किसी के सिर पर पिस्तौल नहीं तानी गई थी। देशमुख ने यह भी कहा था कि वह पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे। पुलिस की नई रिपोर्ट आने के बाद उनके समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।
संतोष देशमुख हत्याकांड से कैसे जुड़ा है यह मामला?
विज्ञापन
बीड ग्रामीण पुलिस थाने में बेलवाडी निवासी समाधान खिंदकर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि शनिवार रात वह इंस्टाग्राम पर एक रील मेकर रविराज साबले को लाइव दिखा रहा था। इसी दौरान धनंजय देशमुख के बॉडीगार्ड ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। जब उसने इसका विरोध किया तो धनंजय देशमुख ने कथित तौर पर बॉडीगार्ड की पिस्तौल निकालकर उसके सिर पर तान दी और धमकी दी। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 352 और 351 के तहत मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- India Economy: 'पश्चिम एशिया संकट नहीं, निजी निवेश की कमी'; भारतीय अर्थव्यवस्था पर और क्या बोले सुरजीत भल्ला?
विज्ञापन
पुलिस जांच में आखिर क्या निकला?
एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि जांच में शिकायत के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई, लेकिन उसमें किसी तरह की पिस्तौल दिखाने, मारपीट या संदिग्ध गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने जिस तरह की घटना का दावा किया था, वैसी कोई घटना फुटेज में दिखाई नहीं दी।
क्या दोनों पक्षों की शिकायतें झूठी पाई गईं?
पुलिस ने बताया कि धनंजय देशमुख की ओर से भी समाधान खिंदकर के खिलाफ आपराधिक धमकी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में यह शिकायत भी बेबुनियाद पाई गई। पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर की गई। जांच में दोनों पक्षों के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
धनंजय देशमुख ने आरोपों पर क्या कहा?
धनंजय देशमुख ने शुरुआत से ही सभी आरोपों को खारिज किया था। उनका कहना था कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं। उन्होंने दावा किया कि उनके बॉडीगार्ड ने भी पुलिस को बताया कि किसी के सिर पर पिस्तौल नहीं तानी गई थी। देशमुख ने यह भी कहा था कि वह पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे। पुलिस की नई रिपोर्ट आने के बाद उनके समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।
संतोष देशमुख हत्याकांड से कैसे जुड़ा है यह मामला?
- संतोष देशमुख बीड जिले के मसाजोग गांव के सरपंच थे, जिनकी दिसंबर 2024 में हत्या कर दी गई थी। महाराष्ट्र सीआईडी की चार्जशीट में कहा गया था कि हत्या के पीछे कथित उगाही का विरोध वजह हो सकता है। जांच एजेंसी के मुताबिक संतोष देशमुख ने एक ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली की कोशिशों को रोका था, जिसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया। अब उनके भाई धनंजय देशमुख से जुड़ा नया विवाद सामने आने के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है।
- पुलिस ने कहा है कि जांच से जुड़े सभी तथ्यों की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी। इसके बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने बीड की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।