फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Santiniketan the home of Nobel laureate Rabindra Nath Tagore has been included in UNESCO’s World Heritage List

Rabindra Nath Tagore: यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया शांतिनिकेतन; जानें इसके बारे में

Sun, 17 Sep 2023 06:59 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 17 Sep 2023 06:59 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल स्थित शांतिनिकेतन को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है। नोबेल विजेता और प्रसिद्ध कवि रवींद्रनाथ टैगोर ने एक सदी पहले शांतिनिकेतन में विश्वभारती का निर्माण किया था।

विज्ञापन
Santiniketan the home of Nobel laureate Rabindra Nath Tagore has been included in UNESCO’s World Heritage List
शांतिनिकेतन - फोटो : indianexpress.com

विस्तार

नोबेल पुरस्कार विजेता रबींन्द्रनाथ टैगोर के घर शांति निकेतन को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है। ये देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। शांतिनिकेतन पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित है। नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपने जीवन का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हाल ही में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में इसे शामिल करने की सिफारिश की गई थी।

विज्ञापन


यूनेस्को ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका एलान किया। वैश्विक संस्था ने लिखा कि यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में नया नाम भारत के शांतिनिकेतन का है, बधाई। गौरतलब है कि भारत लंबे समय से बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित शांतिनिकेतन को यूनेस्को की सूची में शामिल कराने की कोशिश कर रहा था। हाल ही में केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया था कि यूनेस्को की विश्व धरोहर केंद्र की सलाहकार संस्था आईसीओएमओएस ने शांतिनिकेतन को विश्व विरासत सूची में शामिल करने की सिफारिश की है।
विज्ञापन

शांतिनिकेतन को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए एक दस्तावेज तैयार करने पर काम करने वाली प्रसिद्ध संरक्षण वास्तुकार आभा नारायण लांबा ने बताया कि शांतिनिकेतन को सूची में शामिल करने का निर्णय सऊदी अरब में विश्व धरोहर समिति के 45वें सत्र के दौरान लिया गया। उन्होंने कहा, हमने 2009 में दस्तावेज पर काम किया था और शायद तब समय सही नहीं था। लेकिन हम हमेशा शांतिनिकेतन की सुंदरता में विश्वास करते थे और आज इसे यूनेस्को की सूची में देखकर इसकी पुष्टि हुई। कुछ महीने पहले, अंतरराष्ट्रीय परामर्श संस्था ‘इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स’ (इकोमोस) द्वारा इस ऐतिहासिक स्थल को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की सिफारिश की गई थी। फ्रांस आधारित ‘इकोमोस’ दुनिया के वास्तुशिल्प एवं धरोहर स्थल के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित गैर-सरकारी संगठन है।

विज्ञापन
विज्ञापन

यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज विवरण के मुताबिक, कोलकाता से 160 किमी दूर शांतिनिकेतन मूल रूप से रवींद्रनाथ टैगोर के पिता देबेंद्रनाथ टैगोर द्वारा बनाया गया एक आश्रम था, जहां जाति और पंथ से परे कोई भी, आ सकता था और परमेश्वर पर ध्यान कर सकता था। इसमें कहा गया है कि महर्षि के नाम से प्रसिद्ध देबेंद्रनाथ टैगोर भारतीय पुनर्जागरण के अग्रणी व्यक्ति थे। महर्षि द्वारा निर्मित संरचनाओं में शांतिनिकेतन गृह और एक मंदिर था। भारत के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक शांतिनिकेतन में स्थित विश्वभारती में मानविकी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, ललित कला, संगीत, मंच कला, शिक्षा, कृषि विज्ञान आदि की पढ़ाई की जाती है। 1951 में संसद के एक अधिनियम द्वारा इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया था। विश्वभारती पश्चिम बंगाल का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय है और प्रधानमंत्री इसके कुलाधिपति हैं।

बता दें कि शांति निकेतन की स्थापना एक आश्रम के तौर पर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर (ठाकुर) के पिता महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1863 में 07 एकड़ जमीन पर की थी। जहां बाद में रवींद्रनाथ टैगोर ने इस विश्वविद्यालय को स्थापित किया और इसे विज्ञान के साथ कला और संस्कृति की पढ़ाई का उत्कृष्ट केंद्र बनाया। 1901 में केवल 05 छात्रों के साथ गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर ने इसकी शुरुआत की थी। 1921 में इसे राष्ट्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिला और आज यहां छह हजार से भी ज्यादा विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी व्यक्त की
शांतिनिकेतन को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि खुशी है कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के दृष्टिकोण और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक शांतिनिकेतन को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है। यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण है।


Image

मुख्यमंत्री ममता ने किया खुशी का इजहार
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शांतिनिकेतन के यूनेस्को धरोहर सूची में शामिल होने पर गर्व और खुशी का इजहार किया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, खुशी और गर्व है कि हमारा शांतिनिकेतन, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का शहर, अब अंततः यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल हो गया है। विश्व बांग्ला का गौरव, शांतिनिकेतन को कवि द्वारा पोषित किया गया था और पीढ़ियों से बंगाल के लोगों द्वारा इसका समर्थन किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed