फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   sanjeev chaturvedi missed opportunity to deliver lecture in thailand

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उलझाया, भ्रष्टाचार पर भाषण देने संजीव नहीं जा पाए थाईलैंड

Thu, 09 Jun 2016 04:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली।
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली। Updated Thu, 09 Jun 2016 04:44 AM IST
विज्ञापन
sanjeev chaturvedi missed opportunity to deliver lecture in thailand
'स्वास्थ्य मंत्रालय और एम्स जीरो टॉलरेंस ऑन ओनेस्टी पर काम कर रही' - फोटो : Agency

उत्तराखंड कैडर के भारतीय वन सेवा के अधिकारी और एम्स के पूर्व चीफ विजिलेंस ऑफिसर (सीवीओ) संजीव चतुर्वेदी को भ्रष्टाचार के खिलाफ भाषण देने के लिए थाईलैंड जाना था लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय और एम्स ने कागजों में ऐसा उलझाया कि वह चाह कर भी वहां नहीं पहुंच सके।

विज्ञापन


एम्स ने अर्न्ड लिव देने में देर कर दी तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश से बाहर जाने के संबंध में कोई फैसला ही नहीं लिया। इसके बाद संजीव ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को पत्र लिख कर अपना दर्द बयां किया और कहा कि मुझे परेशान करने के एजेंडे पर मंत्रालय और एम्स काम कर रहा है।
विज्ञापन

 
संजीव ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव बी.पी.शर्मा को पत्र लिख कर कहा है प्रधानमंत्री कहते हैं जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्रालय और एम्स जीरो टॉलरेंस ऑन ओनेस्टी पर काम कर रही है। मुझे लगातार परेशान किया जा रहा है और मेरी राह में गलत तरीके से बाधा उत्पन्न की जा रही है। पत्र में लिखा गया है कि कैसे उनकी दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति को लटका कर रखा गया है और कैसे रैमन मैग्सेसे अवार्ड की राशि लेने में मंत्रालय और एम्स ने आनाकानी की।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
संजीव ने कहा है कि एम्स ने तीन दिन की अर्न्ड लीव (ईएल) देने में 45 दिनों का समय लगाया । मामले को लटकाने के लिए एक दर्जन से अधिक पत्र-व्यहार किए गए, जिसकी आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने पत्र में लिखा है कि उनके साथ ऐसा व्यवहार इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने बतौर सीवीओ जो कार्य किया था, उससे प्रशासन नाराज है।

 
दरअसल, थाईलैंड के कॉलेज और पॉलिटिक्स एंड गवर्नेंस महासराखम यूनिवर्सिटी की ओर से संजीव चतुर्वेदी को भ्रष्टाचार के खिलाफ के भाषण देने के लिए बुलाया गया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करने पर ही संजीव को रैमन मैग्सेसे अवार्ड दिया गया था। 31 मई को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी की ओर से सभी रैमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेताओं को आमंत्रित किया गया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed