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UCC: यूसीसी पर उद्धव गुट नरम, संजय राउत बोले- मसौदा आने दीजिए, कोई भी कानून का विरोध नहीं कर रहा
Tue, 04 Jul 2023 07:35 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 04 Jul 2023 07:35 PM IST
सार
सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि कानून का कोई विरोध नहीं है लेकिन पहले हमें इसके मसौदे को देखना है। उन्होंने कहा कि मसौदा आने दीजिए, कोई भी कानून का विरोध नहीं कर रहा है।
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संजय राउत
- फोटो : ANI
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विस्तार
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल समान नागरिक संहिता का विरोध कर रहे हैं तो शिवसेना (यूबीटी) लगातार यूसीसी के पक्ष में बोल रही है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि कानून का कोई विरोध नहीं है लेकिन पहले हमें इसके मसौदे को देखना है। उन्होंने कहा कि मसौदा आने दीजिए, कोई भी कानून का विरोध नहीं कर रहा है।
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संजय राउत ने कहा कि यूसीसी के मसौदे पर उद्धव ठाकरे के साथ बैठक में चर्चा हुई है। वहीं इससे पहले दो जून को उन्होंने कहा था कि ड्राफ्ट जमा होने के बाद ही वे इस मामले पर कोई टिप्पणी करेंगे। वहीं मंगलवार को उन्होंने कहा कि प्रस्तावित यूसीसी का मसौदा अभी तक सार्वजनिक डोमेन में नहीं डाला गया है। यह न तो मीडिया और न ही हमारे पास है। मसौदा पूरा होने दें, और फिर हम टिप्पणी करेंगे।
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बता दें कि यूसीसी भाजपा के एजेंडे में लंबे समय से था। विधि आयोग ने 14 जून को उस प्रस्ताव के बारे में 30 दिनों के भीतर जनता और मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों से विचार मांगकर यूसीसी पर अपनी कवायद फिर से शुरू कर दी थी। वहीं इस मुद्दे को हवा जब लगी तब 27 जून को, पीएम मोदी ने भोपाल में यूसीसी के बारे में बात करते हुए कहा कि देश दो कानूनों पर नहीं चल सकता है और समान नागरिक संहिता संविधान का हिस्सा है। भाजपा के 2019 के लोकसभा चुनाव घोषणापत्र में, पार्टी ने सत्ता में आने पर यूसीसी को लागू करने का वादा किया था।
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समान नागरिक संहिता व्यक्तिगत कानून बनाने और लागू करने का एक प्रस्ताव है जो सभी नागरिकों पर उनके धर्म, लिंग की परवाह किए बिना समान रूप से लागू होगा। यह संहिता संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत आती है, जिसमें कहा गया है कि राज्य पूरे भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा।