Maharashtra: उद्धव के साथ सिर्फ 10 सांसद! साथ देने वाले 15 विधायकों को लिखा पत्र, कहा- 'कठिन समय में समर्थन के लिए धन्यवाद'
खबर है कि उद्धव ठाकरे को एक और झटका लग सकता है। दरअसल, ठाकरे ने आज राष्ट्रपति चुनाव को लेकर शिवसेना सांसदों की बैठक बुलाई थी। जानकारी के मुताबिक, 19 सांसदों में सिर्फ 10 सांसद ही बैठक में पहुंचे हैं। पहले ही पार्टी से विधायक और पार्षद बगावत कर चुके हैं।
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विस्तार
महाराष्ट्र में हुई विधायकों की बगावत व सुप्रीम कोर्ट में मामले के बीच उद्धव ठाकरे ने साथ देने वाले 15 विधायकों को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के माध्यम से इन विधायकों का आभार जताया और कहा- 'कठिन समय में आपके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं।' दरअसल, बीते दिनों शिवसेना के 40 विधायक बगावत करने के बाद एकनाथ शिंदे के साथ हो लिए थे। इसके बाद महाराष्ट्र में उद्धव सरकार गिर गई और एकनाथ शिंदे ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।
शिवसेना बैठक में आए 13 सांसद
महाराष्ट्र में शिवसेना के 18 लोकसभा सदस्यों में से 13 ने सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव पर एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया और उनमें से अधिकतर ने भाजपा नीत राजग की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का सुझाव दिया। हालांकि, शिवसेना सांसद एवं मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने दावा किया कि लोकसभा में पार्टी के 18 सदस्यों में से 15 ने उपनगरीय बांद्रा में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के निजी आवास 'मातोश्री' में हुई बैठक में भाग लिया। उन्होंने इस संबंध में कोई ब्योरा नहीं दिया। महाराष्ट्र में 18 लोकसभा के सांसदों के अलावा, केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव से कलाबेन डेलकर भी शिवसेना सांसद हैं।
राउत ने क्या कहा?
महाराष्ट्र मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा, उनकी पार्टी को सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। एकनाथ शिंदे सरकार पर हुए सवाल के जवाब में राउत ने कहा, यह सिर्फ शिंदे के अस्तित्व का सवाल नहीं है बल्कि लोकतंत्र के अस्तित्व का भी सवाल है। उन्होंने कहा, यह स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका की भी परीक्षा है।
पता चलेगा, कानून की हत्या हो चुकी या..?
संजय राउत ने कहा, महाराष्ट्र में एक सरकार को जिस तरह से थोपा गया, वह पूरी तरह से अवैध है। यह सरकार संविधान के मुताबिक नहीं बनी है। इसके लिए राजभवन और राज्य विधानसभा का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा, यहां यह विधायकों के अयोग्य होने का मुद्दा है। सर्वोच्च न्यायालय में एक फैसला हो रहा है, उससे पता चलेगा कि देश में संविधान, कानून है या उसकी हत्या हो चुकी है।
कोर्ट ने फिलहाल सुनवाई टाली
सुप्रीम कोर्ट ने शिंदे गुट के 16 विधायकों की अयोग्यता मामले में सुनवाई को फिलहाल टाल दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में बेंच गठित की जाएगी। इस प्रक्रिया में समय लगेगा।इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव गुट को भी राहत देते हुए महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर को आदेश दिया है कि जब तक मामले में सुनवाई पूरी नहीं हो जाती। स्पीकर कोई निर्णय नहीं लेंगे। दरअसल, उद्धव ठाकरे गुट की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि कल अयोग्यता का मामला विधानसभा में सुना जाएगा। जब तक सुप्रीम कोर्ट सुनवाई नहीं करता, तब तक स्पीकर को निर्णय लेने से रोक दिया जाए। इस पर सीजेआई ने विधायकों की अयोग्यता पर किसी भी फैसले पर रोक लगा दी है।
निकाय चुनाव में 27 फीसदी टिकट ओबीसी उम्मीदवारों को देगी राकांपा
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में 27 फीसदी टिकट अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उम्मीदवारों को देने का फैसला किया है। यह घोषणा राकांपा प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने सोमवार को की। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि महाराष्ट्र में 92 नगर परिषदों और चार नगर पंचायतों के चुनाव 18 अगस्त को होंगे। इन नगर निकायों के चुनावों में ओबीसी आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं किया गया है, क्योंकि इससे संबंधित मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है।
विधान परिषद चुनावों पर उद्धव की निगाहें
शिवसेना ने औपचारिक रूप से महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता पद का दावा किया है। शिवसेना विधान परिषद सदस्य मनीषा कायंडे ने कहा कि दो दिन पहले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना के सभी विधान परिषद सदस्यों की एक बैठक हुई थी। हमने सर्वसम्मति से फैसला किया था कि उद्धव ठाकरे के पास पार्टी के मुख्य सचेतक को नियुक्त करने के सभी अधिकार हैं। आज हम इसी संबंध में विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम ताई गोरहे से मिलने के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि हमने उन्हें दो पत्र सौंपे हैं। एक पत्र उद्धव ठाकरे की मुख्य सचेतक के रूप में नियुक्ति के संबंध में सभी अधिकार देने के बारे में थ। और दूसरा पत्र शिवसेना द्वारा डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति की मांग के संदर्भ में था। उन्होंने कहा कि चूंकि शिवसेना के पास उच्च सदन विधान परिषद में सबसे अधिक विधायक हैं, इसलिए स्वाभाविक रूप से विपक्ष के नेता का पद शिवसेना का है।
विधायक की कार दुर्घटनाग्रस्त
शिवसेना के बागी विधायक भरत गोगावाले जिस कार में सफर कर रहे थे, वह सोमवार की सुबह मुंबई के ईस्टर्न फ्रीवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह दुर्घटना उस समय हुई जब उसके आगे चल रहे एक वाहन ने अचानक ब्रेक लगा दिए। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।