किसानों पर हुए लाठीचार्ज पर बोले संजय राउत, 'ये काम सीमा पर हुआ होता तो लद्दाख में नहीं घुसते चीनी'
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केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों को लेकर किसानों का दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन जारी है। पुलिस उन्हें दिल्ली में प्रवेश करने से रोके हुए है। वहीं, शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि सरकार किसानों पर लाठियां बरसा रही है, अगर ये प्रयोग उसने सीमा पर किया होता तो लद्दाख में चीनी नहीं घुसे होते।
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, आप (सरकार) किसानों पर इतना बल प्रयोग कर रहे हो, आंसू गैस छोड़ रहे हो, लाठियां बरसा रहे हो, बंदूकें तान कर खड़े हो। अगर आप ये बल प्रयोग चीन की सीमा पर करते तो लद्दाख में चीनी नहीं घुसते।
#WATCH आप किसानों पर इतना बल प्रयोग कर रहे हो, आंसू गैस छोड़ रहे हो, लाठियां बरसा रहे हो, बंदूकें तान कर खड़े हो। अगर आप ये बल प्रयोग चीन की सीमा पर करते तो लद्दाख में चीनी नहीं घुसते: संजय राउत, शिवसेना #FarmersProtest pic.twitter.com/yKRveiguEg
विज्ञापन विज्ञापन— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 30, 2020
किसानों के प्रदर्शन को लेकर राउत ने कहा, किसान आंदोलन विश्व को एक संदेश है। लाखों-करोड़ों किसान दिल्ली की सीमा पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन आप उन्हें आतंकवादी, खालिस्तानी बोलते हो। ये पूरे विश्व के किसानों का अपमान है।
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गौरतलब है कि किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए सरकार सक्रिय हो गई है। सरकार ने किसानों के साथ बातचीत की पेशकश की है। वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री कानूनों को लेकर किसानों को समझाने में जुटे हुए हैं। हालांकि, अभी तक किसानों ने दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन जारी रखा है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर कहा, 'नए कृषि कानून एपीएमसी मंडियों को समाप्त नहीं करते हैं। मंडियां पहले की तरह ही चलती रहेंगी। नए कानून ने किसानों को अपनी फसल कहीं भी बेचने की आजादी दी है। जो भी किसानों को सबसे अच्छा दाम देगा वो फसल खरीद पाएगा चाहे वो मंडी में हो या मंडी के बाहर।'
वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर कहा, 'कृषि कानून पर गलतफहमी ना रखें। पंजाब के किसानों ने पिछले साल से ज्यादा धान मंडी में बेचा और ज्यादा एमएसपी पर बेचा। एमएसपी भी जीवित है और मंडी भी जीवित है और सरकारी खरीद भी हो रही है।'