{"_id":"58d30b7d4f1c1b870a1a25e0","slug":"samajwadi-party-starts-preperation-for-gorakhpur-by-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर उपचुनाव के लिए सपा ने अभी से कसी कमर, निषाद प्रत्याशी को देगी टिकट","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
गोरखपुर उपचुनाव के लिए सपा ने अभी से कसी कमर, निषाद प्रत्याशी को देगी टिकट
अरुण चन्द/ गोरखपुर
Updated Thu, 23 Mar 2017 10:52 AM IST
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आदित्यनाथ योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली होने जा रही सदर सांसद की सीट पर छह महीने के भीतर होने वाले उपचुनाव को लेकर भले ही अभी कोई कार्यक्रम जारी न हुआ हो, मगर सपाई अपनी तैयारी में जुट गए हैं। तय हुआ कि उपचुनाव में सदर सीट से कोई निषाद बिरादरी का ही प्रत्याशी उतारा जाएगा। नाम को लेकर शीर्ष नेतृत्व ने जब जिले के नेताओं की राय पूछी तो दो नाम सामने आए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से बुधवार को लखनऊ में बुलाई गई बैठक में हार की समीक्षा के साथ ही उपचुनाव और 2019 के चुनाव को लेकर भी रणनीति बनी। गोरखपुर लोकसभा सीट के उपचुनाव में प्रत्याशी को लेकर शीर्ष नेतृत्व ने जब जिले के नेताओं की राय पूछी तो दो नाम सामने आए। पहला रामभुआल निषाद का और दूसरा निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद का। संजय के दूसरे दल का होने से कई नेताओं ने उनके नाम पर आपत्ति दर्ज कराई जिसपर फिलहाल के लिए प्रत्याशी के तौर पर रामभुआल निषाद के नाम पर ही मुहर लग गई। सपा के एक बड़े पदाधिकारी ने इसकी पुष्टि भी की।
इसी तरह समीक्षा बैठक के दौरान सपाइयों ने प्रदेश में मिली करारी शिकस्त के लिए ईवीएम में गड़बड़ी के साथ ही ओबीसी की कई जातियों के वोट न मिलने को भी प्रमुख वजह माना। रणनीति बनी है कि सपाई नए सिरे से इन जातियों के वोटरों के बीच जाएंगे। समीक्षा बैठक में जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष, महासचिव समेत पार्टी के सभी विंग के अध्यक्ष शामिल हुए।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से बुधवार को लखनऊ में बुलाई गई बैठक में हार की समीक्षा के साथ ही उपचुनाव और 2019 के चुनाव को लेकर भी रणनीति बनी। गोरखपुर लोकसभा सीट के उपचुनाव में प्रत्याशी को लेकर शीर्ष नेतृत्व ने जब जिले के नेताओं की राय पूछी तो दो नाम सामने आए। पहला रामभुआल निषाद का और दूसरा निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद का। संजय के दूसरे दल का होने से कई नेताओं ने उनके नाम पर आपत्ति दर्ज कराई जिसपर फिलहाल के लिए प्रत्याशी के तौर पर रामभुआल निषाद के नाम पर ही मुहर लग गई। सपा के एक बड़े पदाधिकारी ने इसकी पुष्टि भी की।
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इसी तरह समीक्षा बैठक के दौरान सपाइयों ने प्रदेश में मिली करारी शिकस्त के लिए ईवीएम में गड़बड़ी के साथ ही ओबीसी की कई जातियों के वोट न मिलने को भी प्रमुख वजह माना। रणनीति बनी है कि सपाई नए सिरे से इन जातियों के वोटरों के बीच जाएंगे। समीक्षा बैठक में जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष, महासचिव समेत पार्टी के सभी विंग के अध्यक्ष शामिल हुए।
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