{"_id":"5fb3ebde8ebc3e91b537ea2f","slug":"salman-khurshid-stated-kapil-sibal-as-doubting-thomas","type":"story","status":"publish","title_hn":"सलमान खुर्शीद का सिब्बल पर बड़ा हमला, बता डाला- 'आदतन संदेह करने वाला' व्यक्ति","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सलमान खुर्शीद का सिब्बल पर बड़ा हमला, बता डाला- 'आदतन संदेह करने वाला' व्यक्ति
Tue, 17 Nov 2020 08:57 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 17 Nov 2020 08:57 PM IST
विज्ञापन
सलमान खुर्शीद
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाना अब कपिल सिब्बल के लिए महंगा पड़ रहा है। दरअसल कांग्रेस के कई बड़े नेता अब सिब्बल के बयान को गलत ठहराते हुए उनकी आलोचना कर रहे हैं।
विज्ञापन
पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिब्बल के बयान की निंदा की और अब सलमान खुर्शीद ने लंबा-चौड़ा फेसबुक पोस्ट लिखकर उन्हें 'डाउटिंग थॉमस' यानि आदतन संदेह करने वाला व्यक्ति करार दिया है, जिनकी बेचैनी रह-रहकर उभर जाती हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने एक इंटरव्यू में सिब्बल को पार्टी छोड़ने तक की सलाह दे दी है।
विज्ञापन
खुर्शीद मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर की शायरी से फेसबुक पोस्ट की शुरुआत करते हुए उन्होंने लिखा, 'न थी हाल की जब हमें खबर, रहे देखते औरों के ऐबो हुनर, पड़ी अपनी बुराइयों पर जो नजर, तो निगाह में कोई बुरा न रहा...। बहादुर शाह ज़फर और उनके ये शब्द हमारे पार्टी के उन कई सहयोगियों के लिए सार्थक उपमा की तरह हो सकते हैं जो समय-समय पर बेचैनी से घिर जाते हैं।'
विज्ञापन
सलमान खुर्शीद ने कहा है कि यदि मतदाता हमारे उदारवादी विचारों को अहमियत नहीं दे रहे जिनका हम संरक्षण कर रहे हैं तो हमें सत्ता में आने के लिए शॉर्टकट तलाश करने के बजाय लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने आगे यह भी लिखा है कि सत्ता से बाहर किया जाना सार्वजनिक जीवन में आसानी से स्वीकार नहीं किया जा सकता लेकिन अगर यह हमारे सिद्धांतो की राजनीति का परिणाम है तो इसे सम्मान के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए। अगर हम सत्ता हासिल करने के लिए अपने सिद्धांतों के साथ समझौता करते हैं तो इससे अच्छा है कि हम ये सब छोड़ दें।