जानें कितनी सैलरी पाते हैं पीएम मोदी के अधिकारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरीबों, दबो-कुचलों और मजबूरों की बात करने वाली मोदी सरकार, देश को समानता का पाठ पढ़ाने वाली मोदी सरकार के घेरे में ही असमानता की कितनी बड़ी खाई है, यह सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी से पता चलता है। आरटीआई के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी के अधिकारियों और कर्मचारियों की तनख्वाह में ही हर महीने 15 लाख से ज्यादा रुपए बंट जाते हैं। पीएम के घेरे में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वालों में उनके सचिव भास्कर खुल्बे का नाम है। खुल्बे की सैलरी 2.01 लाख रुपए महीना है। हालांकि पिछले हफ्ते ही खुल्बे पीएम के सेक्रेटरी बने हैं। पहले वह आंतरिक सचिव के पद पर तैनात थे।
पीएम मोदी के तीन और वरिष्ठ अधिकारियों में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा और अतिरिक्त प्रधान सचिव पीके मिश्रा की सैलरी एक समान है, तीनों को 1,62,500 रुपए महीने के हिसाब से सैलरी मिलती है, एक समान सैलरी के पीछे तीनों के रिटायर्ड सिविल सर्वेंट होने का तर्क दिया जाता है।
पीएम के जनसंपर्क अधिकारी 99,434 रुपए सैलरी महीना पाते हैं। पीएम के पुराने सहयोगी को जेएम ठक्कर को 99,434 रुपए महीना पेंशन ही मिलती है। प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात सूचना अधिकारी शरत चंद्र की सैलरी 1.26 लाख रुपए महीना है।
मनमोहन के पीएम रहते हुई थी सैलरी उजागर करने की शुरुआत
जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिवों में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले तरुण बजाज हैं, जिन्हें 1,77,750 रुपए हर महीने बतौर तनख्वाह मिलते हैं। वहीं, अनुराग जैन को 1,76,250 रुपए और एके शर्मा को 1,73,250 रुपए सैलरी मिलती है।
पीएम के अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी पहली दफा मनमोहन सिंह के पीएम रहते हुए उजागर की गई थी।
2012 में पीएम के सलाहकार टीकेए नायर, उस वक्त रहे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन, विशेष प्रतिनिधी एसके लांबा, और तब मनमोहन सिंह प्रधान सचिव पुलॉक चटर्जी को 1.61 लाख रुपए महीना तनख्वाह मिलती थी, जिसमें 50 हजार रुपए पेंशन शामिल थी।